JoSAA काउंसलिंग कल से शुरू, इधर फिर बोर्ड की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया ने छात्रों को किया परेशान – AajTak

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) रूड़की ने ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (JEE) एडवांस्ड 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया है. इसके साथ ही संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) ने काउंसलिंग के लिए पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया है. इसके तहत रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग प्रोसेस 2 जून से शुरू होगा और 13 जून को सीट आवंटन का पहला राउंड पूरा होना है लेकिन इधर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन प्रोसेस से छात्र अब भी बाहर नहीं निकले हैं. री-इवैल्यूएशन प्रोसेस 1 जून यानी कि आज से शुरू होने वाली थी, जो पूरी तरह से ठप हो गई है. अभी तक पोर्टल चलने की खबरें सामने नहीं आई है. चिंता यहीं से शुरू हो रही है. छात्र सवाल कर रहे हैं कि री-इवैल्यूएशन प्रोसेस कब पूरा होगा और कब रिजल्ट जारी किया जाएगा. 
क्यों जरूरी है JoSAA काउंसलिंग? 
इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने के लिए JoSAA काउंसलिंग बेहद अहम होती है. बता दें कि जेईई मेन और एडवांस्ड में अच्छा प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों को इस काउंसलिंग के लिए भेजा जाता है. वे इससे ही सीटों का आवंटन होता है. जेईई एडवांस्ड के टॉप स्कोरर को जोसा काउंसलिंग के तहत IITs में सीटें आवंटित होती हैं तो, वहीं जेईई मेन के टॉप स्कोर को NITs, GFTIs, IIITs और IISc में एडमिशन के लिए सीटों का आवंटन किया जाता है. जोसा काउंसलिंग से 23 आईआईटी, 32 एनआईटी, 26 आईआईआईटी और 47 जीएफटीआई की बीटेक सीटों में एडमिशन मिलता है.
कल से होना है रजिस्ट्रेशन 
JoSAA काउंसलिंग के लिए 2 जून यानी कल से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा. जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड के स्कोर के बेसिस पर कल से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. रजिस्ट्रेशन के साथ ही चॉइस फिलिंग का विकल्प भी शुरू होगा. चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया के दौरान ही कैंडिडेट्स अपने स्कोर के आधार पर एडमिशन और ब्रांच के विकल्प को भर सकते हैं. 
कैसे होगी चॉइस फिलिंग?
इस साल कई उम्मीदवारों ने जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड में अच्छा स्कोर किया है. लेकिन CBSE 12वीं के रिजल्ट ने उन्हें परेशान कर दिया है. IITs, NITs समेत अन्य इंजीनियिरंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए 12वीं में कुल 75 प्रतिशत नंबर होने चाहिए. लेकिन इस बार तो बोर्ड परीक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से कई छात्र 75 फीसदी का आंकड़ा पार नहीं कर पाएं हैं. वहीं इस बीच JoSAA काउंसलिंग के शेड्यूल ने छात्रों की उलझन को बढ़ा दी है. स्टूडेंट्स उलझन में हैं कि वह कैसे चॉइस फिलिंग करें.
री-इवैल्यूएशन कब होगा पूरा? 
सीबीएसई 12वीं में 75 फीसदी का क्राइटेरिया पूरा नहीं कर सके स्टूडेंट्स को अब आखिरी उम्मीदें री-इवैल्यूएशन प्रोसेस हैं. लेकिन उस प्रक्रिया में भी इतनी परेशानी सामने आ रही है कि छात्रों का मनोबल टूटता जा रहा है. 

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News