Manmohan Singh Death News LIVE: पूर्व PM मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में निधन, 7 दिन के राष्‍ट्रीय शोक का… – News18 हिंदी

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Manmohan Singh Health News LIVE: पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्‍टर मनमोहन सिंह का निधन हो गया है. उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है. मनमोहन सिंह के निधन के बाद देश में 7 दिनों के लिए राष्‍ट्रीय शोक का ऐलान कर दिया गया है. इस दौरान तिरंगा आधा झुका रहेगा.
नई दिल्‍ली. पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्‍टर मनमोहन सिंह को अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया था. दिल्‍ली AIIMS में डॉक्‍टरों की टीम उनका इलाज कर रही थी. बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री गुरुवार शाम तकरीबन 8 बजे एम्‍स में लाया गया. इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज चल रहा था. मल्‍टीपल डॉक्‍टर्स की टीम उनकी जांच में जुटी थी, लेकिन उन्‍हें बचाया नहीं जा सका. डॉक्‍टर मनमोहन सिंह लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके थे. वह साल 2004 से 2014 तक देश की बागडोर संभाला था. साल 2008 में आई आर्थिक मंदी को उन्‍होंने बखूबी हैंडल किया था. पूरी दुनिया ने उनके कौशल का लोहा माना था.
जानकारी के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की गुरुवार (26 दिसंबर 2024) को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद उन्हें आनन-फानन में दिल्‍ली एम्स के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. बताया जा रहा है कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस होने के बाद एम्स लाया गया था, जहां उन्‍हें ICU में रखा गय था. प्रधानमंत्री की कमान संभालने से पहले मनमोहन सिंह भारत के वित्त मंत्री और वित्त सचिव भी रह चुके थे. नरसिम्हा राव की सरकार के दौरान इकोनॉमी के उदारीकरण में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है. मनमोहन सिंह RBI गवर्नर भी रह चुके थे.
कई बार अस्‍पताल में हुए हैं भर्ती
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को इससे पहले भी अस्‍पताल में भर्ती कराया जा चुका था. उम्र संबंधी समस्‍याओं के चलते उन्‍हें अक्‍सर तकलीफ होती रहती थी. इस बार बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री को सांस लेने में दिक्‍कतों की वजह से दिल्‍ली एम्‍स में भर्ती कराया गया था. सीनियर डॉक्‍टर्स की टीम की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा था. विभिन्‍न डिपार्टमेंट के डॉक्‍टरों की टीम मनमोहन सिंह के स्‍वास्‍थ्‍य और उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए थी. बता दें कि डॉक्‍टर मनमोहन सिंह का जन्‍म साल 1932 में पाकिस्‍तान में हुआ था. बंटवारे के बाद वह भारत आ गए थे. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में निधन हो गया.
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए गुरुवार को कहा कि उन्होंने भारत के आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया. उपराष्ट्रपति सचिवालय ने धनखड़ के हवाले से कहा, ‘मनमोहन सिंह ने साहसपूर्वक हमारे देश को महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर में संभाला और विकास तथा समृद्धि के नए रास्ते खोले.’ मनमोहन सिंह को 1991 में भारत के आर्थिक उदारीकरण के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है. धनखड़ राज्यसभा के सभापति भी हैं. मनमोहन सिंह उच्च सदन के पूर्व सदस्य थे.
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, ‘मेरे जैसे युवा सांसद के लिए शायद इससे बड़ी फख्र की बात और क्या हो सकती है कि राज्यसभा में मनमोहन सिंह की सीट के पास सीट एलॉट हुई. वो एकाध बार सदन में अपनी व्हील चेयर पर आए तो बड़े अदब से उन्हें बार’बार देखता रहा, कितनी सादगी थी शख़्सियत में. अलविदा डॉ. साहब, मैं आने वाली नई पीढ़ी को गर्व से बताया करूंगा कि मैंने डॉ. मनमोहन सिंह साहब के साथ बैठ कर संसद की कार्यवाही में हिस्सा लिया.
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने वित्‍त मंत्री के साथ ही प्रधानमंत्री के तौर पर भी देश पर अमिट छाप छोड़ी थी. उनके निधन की सूचना से आम से लेकर खास तक सभी शोक संतप्‍त हैं. दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री आतिशी मर्लेना ने शुक्रवार को होने वाले अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर पूरा देश स्‍तब्‍ध है. देश के महान सपूत के निधन के बाद देश में 7 दिन के राष्‍ट्रीय शोक का ऐलान किया गया है. इस दौरान तिरंगा आधा झुका रहेगा. शुक्रवार सुबह को केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग भी होनी है.
डॉक्‍टर मनमोहन सिंह के निधन के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है. अब लोग उनका अंतिम दर्शन के अभिलाषी हैं. बताया जा रह है कि मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर को पार्टी मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जा सकता है, लेकिन आखिरी फैसला उनके परिवार से बात के बाद लिया जाएगा.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का दिल्‍ली एम्‍स में रात 9:51 बजे निधन हो गया. बताय जा रहा है कि उनके पार्थ‍िव शरीर को अगले 30 से 40 मिनट में एम्‍स से उनके घर लाया जा सकता है. दिल्‍ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि इसकी तैयारियां चल रही हैं.
लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिड़ला ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्‍टर मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया है. उन्‍होंने एक्‍स पर लिखा, ‘देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन अत्यंत दुखद है. प्रख्यात अर्थशास्त्री और प्रबुद्ध राजनेता होने के साथ ही अपने सौम्य और सरल व्यवहार के लिए वे सदैव स्मृतियों में रहेंगे. एक कुशल प्रशासक, वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने दशकों तक राष्ट्र की सेवा की. पीड़ा की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं डॉ. सिंह के परिवार के साथ हैं. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान प्रदान करें. शोकसंतप्त परिजनों और देशवासियों को संबल दें…ॐ शांति.’
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन की खबर से पूरा देश शोक में डूब गया है. इस बीच, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह की पत्‍नी गुरशरण कौर से बात की है. बता दें कि गुरशरण कौर पहले ही दिल्‍ली एम्‍स पहुंच गई थीं.
अविभाजित भारत (अब पाकिस्तान) के पंजाब प्रांत के गाह गांव में 26 सितंबर 1932 को गुरमुख सिंह और अमृत कौर के घर जन्मे मनमोहन सिंह ने साल 1948 में पंजाब में अपनी मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की. उनका शैक्षणिक करियर उन्हें पंजाब से ब्रिटेन के कैंब्रिज तक ले गया जहां उन्होंने 1957 में अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी ऑनर्स की डिग्री हासिल की. ​मनमोहन ​सिंह ने इसके बाद 1962 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नाफील्ड कॉलेज से अर्थशास्त्र में ‘डी.फिल’ की उपाधि प्राप्त की.
मनमोहन सिंह के करीबी सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी द्वारा दोषी राजनेताओं को चुनाव लड़ने की अनुमति देने के लिए अध्यादेश लाने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले की प्रति फाड़ने के बाद सिंह ने लगभग इस्तीफा देने का मन बना लिया था. उस समय वह विदेश में थे. भाजपा द्वारा मनमोहन सिंह पर अक्सर ऐसी सरकार चलाने का आरोप लगाया जाता था जो भ्रष्टाचार से घिरी हुई थी। पार्टी ने उन्हें ‘मौनमोहन सिंह’ की संज्ञा दी थी और आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ नहीं बोला.
सौम्य और मृदुभाषी स्वभाव वाले मनमोहन सिंह भारत में आर्थिक सुधारों का सूत्रपात करने वाले शीर्ष अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार दो बार गठबंधन सरकार चलाने वाले कांग्रेस के पहले नेता के तौर पर याद किए जाएंगे. दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्र के 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे सिंह को दुनिया भर में उनकी आर्थिक विद्वता तथा कार्यों के लिए सम्मान दिया जाता था. उन्होंने भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में वर्ष 2004 से 2014 तक 10 वर्षों तक देश का नेतृत्व किया. कभी अपने गांव में मिट्टी के तेल से जलने वाले लैंप की रोशनी में पढ़ाई करने वाले सिंह आगे चलकर एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद बने. मनमोहन सिंह की 1990 के दशक की शुरुआत में भारत को उदारीकरण की राह पर लाने के लिए सराहना की गई, लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों पर आंखें मूंद लेने के लिए भी उनकी आलोचना की गई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व पीएम डॉक्‍टर मनमोहन सिंह के निधन पर शोक जताया है. पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोक मनाता है. साधारण परिवार से उठकर वह एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बने. उन्होंने वित्त मंत्री सहित विभिन्न सरकारी पदों पर कार्य किया और सालों तक हमारी आर्थिक नीति पर एक मजबूत छाप छोड़ी. संसद में उनका हस्तक्षेप भी व्यावहारिक था. हमारे प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए.’
दिल्‍ली एम्‍स की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्‍टर मनमोहन सिंह के निधन की पुष्‍टि की गई है. एम्‍स ने बताया कि मनमोहन सिंह को शाम 8:06 बजे अस्‍पताल लाया गया था. उन्‍हें आईसीयू में रखा गया था, लेकिन बचाया नहीं सका. उन्‍होंने 92 साल की उम्र में रात 9:51 बजे आखिरी सांस ली.
पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्‍टर मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है. सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्‍हें दिल्‍ली एम्‍स में भर्ती कराया गया था. उनका आईसीयू में इलाज चल रहा था, लेकिन उन्‍हें बचाया नहीं जा सका.
कांग्रेस सांसद और पार्टी की राष्‍ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी अस्‍पताल पहुंच चुकी हैं. बता दें कि डॉक्‍टर मनमोहन सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है. उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दिल्‍ली एम्‍स में भर्ती करवाया गया है. सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्‍हें अस्‍पताल के आईसीयू वार्ड में एडमिट करवाया गया है. मनमोहन सिंह की पत्‍नी गुरशरण कौर उनकी बेटी भी अस्‍पताल पहुंच चुकी हैं.
नई दिल्‍ली. पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्‍टर मनमोहन सिंह को अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया था. दिल्‍ली AIIMS में डॉक्‍टरों की टीम उनका इलाज कर रही थी. बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री गुरुवार शाम तकरीबन 8 बजे एम्‍स में लाया गया. इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज चल रहा था. मल्‍टीपल डॉक्‍टर्स की टीम उनकी जांच में जुटी थी, लेकिन उन्‍हें बचाया नहीं जा सका. डॉक्‍टर मनमोहन सिंह लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके थे. वह साल 2004 से 2014 तक देश की बागडोर संभाला था. साल 2008 में आई आर्थिक मंदी को उन्‍होंने बखूबी हैंडल किया था. पूरी दुनिया ने उनके कौशल का लोहा माना था.
जानकारी के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की गुरुवार (26 दिसंबर 2024) को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद उन्हें आनन-फानन में दिल्‍ली एम्स के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. बताया जा रहा है कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस होने के बाद एम्स लाया गया था, जहां उन्‍हें ICU में रखा गय था. प्रधानमंत्री की कमान संभालने से पहले मनमोहन सिंह भारत के वित्त मंत्री और वित्त सचिव भी रह चुके थे. नरसिम्हा राव की सरकार के दौरान इकोनॉमी के उदारीकरण में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है. मनमोहन सिंह RBI गवर्नर भी रह चुके थे.
कई बार अस्‍पताल में हुए हैं भर्ती
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को इससे पहले भी अस्‍पताल में भर्ती कराया जा चुका था. उम्र संबंधी समस्‍याओं के चलते उन्‍हें अक्‍सर तकलीफ होती रहती थी. इस बार बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री को सांस लेने में दिक्‍कतों की वजह से दिल्‍ली एम्‍स में भर्ती कराया गया था. सीनियर डॉक्‍टर्स की टीम की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा था. विभिन्‍न डिपार्टमेंट के डॉक्‍टरों की टीम मनमोहन सिंह के स्‍वास्‍थ्‍य और उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए थी. बता दें कि डॉक्‍टर मनमोहन सिंह का जन्‍म साल 1932 में पाकिस्‍तान में हुआ था. बंटवारे के बाद वह भारत आ गए थे. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में निधन हो गया.

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