मोकामा में RJD नेता दुलारचंद यादव (76) की बॉडी लेकर लोग अस्पताल पहुंचे हैं। यहां पुलिस के साथ हल्की झड़प हुई है। लोग लाइव पोस्टमॉर्टम और अनंत सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। बाहुबली के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है।
सुबह 11 बजे परिवार के लोग ट्रैक्टर ट्रॉली से बॉडी लेकर निकले थे। रास्ते में अनंत सिंह के खिलाफ नारेबाजी होती रही। पंडारक में सभी दुकानें बंद कर दी गईं। सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा सिंह भी ट्रैक्टर में सवार होकर पोस्टमॉर्टम के लिए निकलीं।
गुरुवार (30 अक्टूबर) दोपहर RJD नेता दुलारचंद यादव (76) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दुलारचंद जनसुराज कैंडिडेट पीयूष प्रियदर्शी के साथ चुनाव प्रचार के काफिले में शामिल थे। इसी दौरान दूसरे पार्टी के लोगों ने उनके काफिले पर हमला कर दिया।
घटना बसावन चक के पास हुई। दुलारचंद के पोते के बयान पर भदौर थाने में अनंत सिंह, उनके दो भतीजे रणवीर और कर्मवीर के अलावा छोटन सिंह और कंजय सिंह समेत दर्जनों अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज हुआ है।
मोकामा से आई 3 तस्वीरें देखिए…
दुलारचंद यादव के परिवार को सूरजभान का साथ मिला
अनंत की पत्नी को नाचने वाली बताया था
दुलारचंद ने मर्डर से 2 दिन पहले अनंत सिंह की पत्नी को नाचने वाली बताया था। हत्या से दो दिन पहले दुलारचंद ने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी को लेकर कई बातें कहीं थी। दुलारचंद ने कहा था कि, ‘लोकसभा में नीलम देवी के बारे में मैंने बताया था।
मैंने कहा था कि, वो नीलम देवी नहीं नीलम खातून है। लोकसभा चुनाव जब नीलम देवी लड़ रही थी तो लोग दरी लेकर दौड़ रहे थे और कह रहे थे कि नाचने वाली आई है। नीलम देवी नाचने के लिए गईं थी, अनंत सिंह ने उसे रख लिया। दोनों को कोई शादी हुई थी। नीलम देवी भूमिहार थोड़े ही है।’
अनंत सिंह बोले- सब सूरजभान ने किया है
इधर,अनंत सिंह हत्या के आरोप पर कहा है कि,यह सब सूरजभान का किया धरा है। वहीं, सूरजभान और उनकी पत्नी वीणा देवी ने कहा- हमारा इस घटना से कोई लेना-देना नहीं। सूरजभान की पत्नी मोकामा से राजद की प्रत्याशी हैं।
कभी नीतीश-लालू के करीबी थे दुलारचंद
दुलारचंद यादव नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के करीबी रहे हैं। दुलारचंद पर हत्या, रंगदारी, फिरौती के 2 दर्जन मामले दर्ज थे। टाल के इलाके में 80 के दशक में दुलारचंद का काफी दबदबा था।
बताया जाता है कि, दुलारचंद का गैंग किडनैपिंग कर तारतर में इलाके में बंधक बनाकर रखते थे। 1990 में जमानत मिलने के बाद दुलारचंद ने राजनीति में एंट्री की। लोकदल से चुनाव लड़ लड़ा, लेकिन अनंत के बड़े भाई दिलीप सिंह से मामूली अंतर से हार गए थे।
जनसुराज कैंडिडेट का सपोर्ट कर रहे थे दुलारचंद
जनसुराज ने बताया है, दुलार चंद यादव ने कभी जनसुराज की सदस्यता नहीं ली है। वे मोकामा में हमारे कैंडिडेट को सपोर्ट कर रहे थे।’
वहीं, दुलारचंद की हत्या के बाद ग्रामीणों और परिजन गुस्से में हैं। ग्रामीणों की मांग है कि इंसाफ नहीं मिलने पर वोट बहिष्कार करेंगे। दुलारचंद के चचेरे पोते रविरंजन कुमार कहना है, कई दिनों से हमलोगों को धमकी मिल रही थी। पहले मेरे की हत्या की, अब दादा की। ये लोग मुझे भी मार देंगे।
अनंत सिंह को लगातार ललकार रहे थे दुलारचंद
बताया जा रहा है कि जन सुराज प्रत्याशी प्रियदर्शी पीयूष के सबसे करीबी समर्थक दुलारचंद यादव का साथ देना अनंत सिंह को खटक रहा था। वह इसलिए कि प्रियदर्शी पीयूष जिस जाति से आते हैं, उसका वोट अनंत को मिलता रहा है।
उधर, दुलारचंद यादव अनंत सिंह उर्फ छोटे सरकार को लगातार ललकार रहे थे। कई सार्वजनिक स्थानों पर बयान दिया था कि अनंत सिंह अगर छोटे सरकार हैं तो प्रियदर्शी पीयूष बड़े सरकार हैं।तीन-चार दिन पहले दुलारचंद ने अनंत सिंह की पत्नी पर अभद्र टिप्पणी की थी।
टाल का कुख्यात अपराधी था दुलारचंद
बाढ़ का दुलार चंद यादव पटना जिले के टाल क्षेत्र का एक कुख्यात अपराधी माना जाता था। वो जमीन कब्जा, रंगदारी, फायरिंग, मारपीट और अवैध वसूली जैसे कई गंभीर मामलों में आरोपी था। 2019 में तत्कालीन ASP लिपी सिंह ने इसकी गिरफ्तारी की थी। दुलारचंद पर अलग-अलग थानों में मामले दर्ज हैं।
मोकामा से अनंत सिंह चुनाव लड़ रहे हैं
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