भारत के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को समझने के लिए इंडिया टुडे ग्रुप और C-Voter ने देशव्यापी मूड ऑफ द नेशन सर्वे (MOTN) कराया है. यह देश का सबसे भरोसेमंद और बड़ा ओपिनियन पोल है, जो जनता की नब्ज़ परखते हुए हर बार सटीक तस्वीर सामने लाता है. इस सर्वे में इसमें कुल 2 लाख 6 हजार 826 लोगों की राय ली गई. जिसमें अलग-अलग उम्र, आय वर्ग, शिक्षा स्तर, जाति और शहरी-ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों को शामिल किया गया.
देश के सभी राज्यों और लोकसभा क्षेत्रों में 1 जुलाई से 14 अगस्त 2025 के बीच हर आयु ,जाति, धर्म, लिंग वाले लोगों से ली गई राय का विश्लेषण भी इसमें शामिल किया गया. इस सर्वे के नतीजों में मोटे तौर पर 3% और बारीक स्तर पर 5% तक की त्रुटि (error) हो सकती है. इन आंकड़ों के जरिए यह समझने की कोशिश की गई है कि विभिन्न मुद्दों पर देश का क्या रुख है और जनता की राय क्या है.
जब लोगों से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए सीजफायर के बारे में पूछा गया तो 30.7% लोगों ने इसे पीएम मोदी का फैसला बताया जबकि 29.1% का मानना है कि यह ट्रंप का दबाव था जबकि 24.9% लोगों ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान बुरी तरह पिट गया था जिसके बाद उसकी गुहार पर सीजफायर हुआ. वहीं 15.3% लोगों का जवाब कह नहीं सकते में रहा.
इस सर्वे में लोगों से पूछा गया कि ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम हमले का कैसा जवाब था? इस पर 54.5% लोगों ने कहा कि मजबूत था जबकि 14.8% लोगों ने कहा कि यह पर्याप्त था जबकि 21.1% ने इसे कमजोर माना और 9.6% लोगों का जवाब था कि कह नहीं सकते है. जब लोगों से पूछा गया कि क्या सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर पर सच और पारदर्शी जानकारी दी? तो 54.2% का जवाब हां में था, वहीं 32.5% लोगों का जवाब नहीं में था और 13.3% लोगों ने कहा कि कह नहीं सकते.