Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के नरौली स्थित वृहत आश्रय गृह से 10 बच्चों के फरार होने के मामले पर जिला जज श्वेता कुमारी सिंह ने संज्ञान लिया है. निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भवन निर्माण और कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई. प्रशासन ने अब तक 6 बच्चों को बरामद कर लिया है, जबकि 4 की तलाश जारी है.
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Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर स्थित वृहत आश्रय गृह से एक साथ दस बच्चों के फरार होने की घटना पर संज्ञान लेते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्रीमती श्वेता कुमारी सिंह ने संबंधित सभी पदाधिकारियों को तलब किया. उन्होंने सख्त रवैया अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों से इस घोर लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता को लेकर सवाल किए. उन्होंने बाल संरक्षण इकाई के प्रभारी पदाधिकारी से इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और अब तक इस संबंध में उठाए गए कदमों तथा बच्चों की तलाश को लेकर अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की. साथ ही उन्होंने बाल गृह के अधीक्षक को फटकार लगाते हुए बाल गृह से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की बात कही. उन्होंने भवन निर्माण विभाग की ओर से उपस्थित अधिकारी से भी घटिया और कमजोर निर्माण को लेकर सवाल खड़े किए.
इसके साथ ही उन्होंने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के साथ नरौली, मुजफ्फरपुर स्थित वृहत आश्रय गृह का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अब तक बरामद किए गए बच्चों से बातचीत की और जानने का प्रयास किया कि आखिर बच्चे वहां से कैसे फरार हुए. उन्होंने बाल गृह के अधीक्षक, उपस्थित कर्मियों, सुरक्षा प्रभारी एवं अन्य पदाधिकारियों से विस्तार से चर्चा की कि आखिर बच्चे कैसे और कहां से भागे और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी.
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पूछताछ एवं निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण की खामियां तथा बाल गृह के कर्मचारियों एवं सुरक्षा प्रहरियों की लापरवाही उजागर हुई. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने, सीसीटीवी कैमरे लगवाने, गेट को बंद करवाने तथा ऐसा बनाने के निर्देश दिए ताकि कोई उस पर चढ़ न सके. साथ ही उन्होंने चाहरदीवारी के ऊपर कंटीले तारों का घेरा यथाशीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया.
दरअसल, रविवार की रात मुसहरी थाना क्षेत्र के नरौली स्थित वृहत आश्रय गृह परिसर में संचालित बाल गृह (बालक) से 10 बच्चे अचानक गायब हो गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. बाल गृह (बालक) में कुल 46 बच्चे हैं, जिनमें से 10 बच्चे अचानक लापता हो गए थे. इसके बाद प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई और आनन-फानन में SDM ईस्ट तुषार कुमार तथा DSP मनोज कुमार सिंह वृहत आश्रय गृह पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए. हालांकि SP कांतेश कुमार मिश्र के निर्देश पर गठित DSP शिवानी श्रेष्ठा और SI सुखवींद्र नैन की टीम ने समस्तीपुर जिले के पूसा से 6 लापता बच्चों को बरामद कर लिया है, जबकि अन्य 4 बच्चों की तलाश जारी है.
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