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इस बार नीट की परीक्षा में कोई सेंध न लग पाए इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कई हाईटेक इंतजाम किए हैं. परीक्षा की शुचिता को ध्यान में रखते हुए ये सारे इंतजाम किए गए हैं. आइए जानते हैं क्या हैं इस साल की गाइडलाइन, कैसे होगा एग्जाम?
AI कैमरों की ‘तीसरी आंख’
इस बार परीक्षा केंद्रों पर सामान्य सीसीटीवी नहीं, बल्कि AI-इनेबल्ड कैमरे लगे होंगे. ये कैमरे छात्र के चेहरे के हाव-भाव और संदिग्ध हरकतों को पहचानकर तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देंगे. अगर कोई बार-बार पीछे मुड़ता है या इशारे करता है, तो एआई उसे फौरन पकड़ लेगा.
डिजिटल फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक
एंट्री गेट पर अब केवल मेटल डिटेक्टर नहीं, बल्कि ‘डिजिटल फ्रिस्किंग’ होगी. छात्रों का रियल-टाइम बायोमेट्रिक डेटा उनके आधार कार्ड से मैच किया जाएगा ताकि ‘सॉल्वर गैंग’ या किसी दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले फर्जी छात्रों को गेट पर ही रोका जा सके.
5G जैमर्स का पहरा
हाई-टेक ब्लूटूथ डिवाइस और माइक्रो-चिप्स के जरिए होने वाली नकल को रोकने के लिए एनटा (NTA) ने परीक्षा केंद्रों पर हाई-फ्रीक्वेंसी जैमर्स लगाए हैं. ये जैमर्स 5G नेटवर्क को भी ब्लॉक कर देंगे, जिससे परीक्षा हॉल के भीतर कोई भी इलेक्ट्रॉनिक संचार मुमकिन नहीं होगा.
‘हाफ स्लीव्स’ ही है चाबी
ड्रेस कोड इस बार और भी सख्त है. लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए सिर्फ ‘हाफ स्लीव्स’ यानी आधी बाजू के कपड़े ही मान्य हैं. पूरी बाजू के शर्ट या टी-शर्ट पहनने पर एंट्री नहीं मिलेगी. इसका मकसद कपड़ों की आस्तीन में छिपाई जाने वाली चिट या डिवाइस को रोकना है.
जूतों पर ‘नो एंट्री’, चप्पल ही सहारा
जूते पहनकर आने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्र के बाहर ही उन्हें उतारना होगा. नियम के मुताबिक, सिर्फ पतले तलवे वाली चप्पलें या कम हील वाले सैंडल ही पहने जा सकते हैं. भारी जूते या बंद जूतों में डिवाइस छिपाने की आशंका को देखते हुए यह पाबंदी लगाई गई है.
बड़े बटन और कढ़ाई से परहेज
अगर आपके कपड़ों में बड़े बटन, भारी कढ़ाई या बहुत सारे पॉकेट्स (पॉकेट वाली जींस) हैं, तो सावधान हो जाएं! ऐसे कपड़ों को संदिग्ध माना जाता है. एनटा की सलाह है कि छात्र एकदम सादे और हल्के कपड़े पहनें ताकि फ्रिस्किंग के दौरान समय बर्बाद न हो.
जो छात्र धार्मिक कारणों से हिजाब या पगड़ी जैसी ‘कस्टमरी ड्रेस’ पहनते हैं, उन्हें रिपोर्टिंग टाइम से कम से कम 1-2 घंटे पहले पहुंचना होगा. उनकी गहन तलाशी के लिए अलग से विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि परीक्षा की शुचिता बनी रहे.
प्रश्न पत्र की ‘डिजिटल ट्रैकिंग’
पेपर लीक के दाग धोने के लिए एनटीए ने प्रश्न पत्रों के बॉक्स में जीपीएस (GPS) और डिजिटल लॉक का इस्तेमाल किया है. यह बॉक्स सिर्फ तय समय पर और तय लोकेशन पर ही डिजिटल की (Key) के जरिए खुलेंगे, जिससे रास्ते में पेपर लीक होने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी.
पेन और पानी की बोतल का नियम
छात्रों को अपना पेन ले जाने की जरूरत नहीं है, पेन सेंटर पर ही दिया जाएगा. पानी की बोतल ले जानी है तो वह पूरी तरह ‘ट्रांसपेरेंट’ (पारदर्शी) होनी चाहिए. इसके अलावा कोई भी स्टेशनरी आइटम, पर्स या चश्मा केस ले जाना सख्त मना है.
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