अहमदाबाद साइबर क्राइम और एनटीए ने NEET-UG 2026 छात्रों को निशाना बनाने वाले साइबर धोखाधड़ी को नाकाम किया। बिहार के एक छात्र को परीक्षा फीस रिफंड को अप …और पढ़ें
सांकेतिक तस्वीर।
अहमदाबाद साइबर क्राइम और एनटीए ने NEET-UG 2026 धोखाधड़ी को नाकाम किया।
बिहार के छात्र ने फीस रिफंड अपने खाते में ट्रांसफर करने का प्रयास किया।
कमजोर पासवर्ड वाले लगभग 150 छात्रों के खातों को निशाना बनाया गया।
डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। अहमदाबाद शहर की साइबर क्राइम ब्रांच और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने मिलकर NEET-UG 2026 के छात्रों को निशाना बनाने वाली साइबर धोखाधड़ी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार के एक 19 साल के छात्र को गिरफ्तार किया है, जो परीक्षा फीस रिफंड (वापसी) के पैसे को छात्रों के खातों से उड़ाकर अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करने की कोशिश कर रहा था।
अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी की पहचान नवीनकुमार शंकर प्रसाद यादव के रूप में हुई है, जो बिहार के गया जिले का रहने वाला है और बीएससी (BSc) का छात्र है। एनटीए के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी द्वारा दी गई डिजिटल कड़ियों, तकनीकी जांच और बैंक खातों के रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने आरोपी को बिहार से ढूंढ निकाला।
मिली जानकारी के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक छात्र की जानकारी का इस्तेमाल करके एक फर्जी पहचान बनाई। इसके बाद उसने उस छात्र की मर्जी या जानकारी के बिना NEET-UG 2026 के ऑनलाइन पोर्टल पर गलत तरीके से लॉगिन कर लिया। पोर्टल के अंदर जाकर उसने फीस रिफंड से जुड़े बैंक खातों की डिटेल्स को बदलने की कोशिश की, ताकि रिफंड का पैसा सीधे उसके अपने बैंक खातों में आ जाए।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) और साइबर फ्रॉड के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
इसके अलावा पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी ने करीब 350 NEET उम्मीदवारों के अकाउंट्स को निशाना बनाया था। इनमें से लगभग 150 अकाउंट्स ऐसे थे जिनका पासवर्ड बहुत कमजोर था (जैसे आसान नंबर या नाम), जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने उनमें आसानी से सेंध लगा दी। लॉगिन करने के बाद उसने उन छात्रों को चुना जो फीस रिफंड के हकदार थे और उनके बैंक अकाउंट की जगह अपना अकाउंट नंबर डाल दिया।
हालांकि, जिन अकाउंट्स के पासवर्ड मजबूत थे, उन्हें वह हैक नहीं कर पाया। इससे यह साफ होता है कि इंटरनेट पर कमजोर पासवर्ड रखना कितना खतरनाक हो सकता है।
बता दें कि इस धोखाधड़ी को पकड़ने में नीट (NEET) पोर्टल के सुरक्षा सिस्टम ने बड़ी भूमिका निभाई। जैसे ही पोर्टल पर कुछ संदिग्ध गतिविधि देखी गई, एनटीए के सुरक्षा अधिकारी ने तुरंत इसकी जानकारी और डिजिटल फुटप्रिंट का डेटा अहमदाबाद पुलिस से साझा किया। इसी तकनीकी सबूत की मदद से पुलिस आरोपी के ठिकाने तक पहुंच सकी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अक्सर लोग सिर्फ पेपर लीक जैसी खबरों पर ध्यान देते हैं, लेकिन परीक्षा पोर्टल्स पर होने वाला ऐसा साइबर फ्रॉड भी छात्रों के लिए उतना ही बड़ा खतरा है।
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