नेपाल में आई बाढ़ ने भीषण तांडव मचाया है. पानी का उफान शहरों और गांवों तक पहुंच गया है. तिब्बती इलाके से आई बाढ़ में कहीं पुल पानी में बह गया, तो कहीं सड़कें सैलाब में समा गईं, कहीं कारें और ट्रक पानी के तेज बहाव में बहते नजर आए. बाढ़ में अब तक 165 लोगों की मौत हुई है. एक हजार से लोग लापता हैं. इनमें कई भारतीय भी शामिल हैं.
वहीं काठमांडु पोस्ट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे करीब 400 तीर्थयात्री रासुवागढ़ी में संपर्क से बाहर हो गए हैं. काठमांडू की टच कैलाश ट्रैवल्स एंड टूर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर बाशु कुमार अधिकारी ने कहा कि बुधवार को 93 नेपालियों समेत 390 तीर्थयात्रियों को बॉर्डर पार करना था. अधिकारी ने कहा, “कुछ को छोड़कर, हम दोपहर 3 बजे तक तीर्थयात्रियों से संपर्क नहीं कर पाए हैं.”
नेपाल ट्रेकिंग एजेंसीज़ एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सागर पांडे ने कहा कि तीर्थयात्रियों से संपर्क करने और उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाने की कोशिशें चल रही हैं.
अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी नेपाल में सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई. पानी तिब्बत की ओर से आया. पानी अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और समीपवर्ती स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ.
रसुवा जिला तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर है. नेपाल के राष्ट्रीय आपदा विभाग एनडीआरआरएमए ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा के नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक सर्तक रहने के लिए कहा है. अचानक आई बाढ़ के बाद से कई लापता हैं.
कोशी नदी में बाढ़ से त्रिशूली नदी बेसिन के जिलों, जिनमें नुवाकोट, धादिंग, चितवन, गोरखा और आसपास के क्षेत्र प्रभावित हैं.
शिन्हुआ न्यूज़ के मुताबिक, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दक्षिण-पश्चिम चीन के शिज़ांग में ग्यिरोंग बॉर्डर पोर्ट पर नेपाल में मिट्टी खिसकने से हुए नुकसान के बाद लापता लोगों को ढूंढने और बचाने के लिए पूरी कोशिश करने का आदेश दिया है.
कोलकाता में नेपाल के दूतावास में डिप्टी कॉन्सल जनरल दीपेश लेखक ने कहा, ‘तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक आई बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है. नेपाल पर्यटन बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक, अभी कुल 579 पर्यटक लापता हैं. इनमें से 123 नेपाली नागरिक हैं, जबकि 406 विदेशी नागरिक हैं. लिस्ट में 105 भारतीय शामिल हैं. हालांकि, चीनी इमिग्रेशन पॉइंट्स, खासकर तिब्बत सीमा पर स्थित इमिग्रेशन ऑफिस से मिली जानकारी के मुताबिक, वहां कई लोग मौजूद थे, जिनमें पश्चिम बंगाल और कोलकाता के लोग भी शामिल हैं.’
नेपाल में आई बाढ़ की वजह से सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं. बाढ़ के कारण कई घर मलबे में तब्दील हो गई. अब कई जगहों पर बाढ़ का पानी कम हुआ है. पानी कम होने के बाद गाड़ियां, बिल्डिंगें और सड़कों की खस्ता हालत सामने आई है.
#WATCH | Nepal | Aftermath of the devastating flash flood that hit the Devighat area of Nuwakot shows damaged vehicles, buildings and roads pic.twitter.com/n1UCE4WiFX
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