Quote of the Day: गलती से भी इन 7 को ना लगाएं पैर, वरना पाप के होंगे भागी और मिलेगी बहुत बड़ी सजा – Live Hindustan

सच्चा सम्मान शब्दों में नहीं, व्यवहार में छिपा होता है। जिसका सम्मान करते हैं, उसे कभी पैरों से नहीं छूना चाहिए। आज 20 जून 2026 की शाम का सुविचार हमें याद दिलाता है कि छोटी-सी लापरवाही भी जीवन में बड़े पाप का कारण बन सकती है। सम्मान की भावना रखें, क्योंकि यही हमें सही इंसान बनाती है।

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में कई ऐसी बातें बताई हैं, जो आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि कुछ चीजें और लोग इतने पवित्र होते हैं कि उन्हें गलती से भी पैर नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से ना सिर्फ पाप लगता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक उसका प्रभाव पड़ता है।

इसका अर्थ है कि अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गाय, कुमारी, वृद्ध और शिशु – इन सात को पैर से कभी नहीं छूना चाहिए।

अग्नि को देवता का रूप माना जाता है। हिंदू संस्कृति में अग्नि को साक्षी मानकर कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं। चाणक्य कहते हैं कि अग्नि को पैर से छूने से ना सिर्फ शारीरिक नुकसान होता है, बल्कि पाप भी लगता है। अग्नि पवित्र है, इसलिए उसे सम्मान देना चाहिए।

गुरु वह है, जो अंधकार से ज्ञान की ओर ले जाता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, गुरु को पैर लगाना सबसे बड़ा अपराध है। गुरु का स्थान माता-पिता से भी ऊपर होता है। उनके प्रति अपमान करने से व्यक्ति का सारा पुण्य नष्ट हो जाता है।

ब्राह्मण ज्ञान और सात्विकता का प्रतीक होते हैं। चाणक्य नीति में ब्राह्मण को पैर लगाने को बहुत बड़ा पाप बताया गया है। ब्राह्मण का अपमान करने से कुल का नाश हो सकता है। इसलिए ब्राह्मण के प्रति हमेशा सम्मान का भाव रखना चाहिए।

गाय को माता का दर्जा दिया गया है। अथर्ववेद और चाणक्य नीति दोनों ही गाय को पैर लगाने को दंडनीय मानते हैं। गाय का अपमान करने से धन-धान्य की हानि होती है और परिवार में कलह बढ़ता है।

कुमारी कन्या भविष्य की मां और कुल की वाहक होती है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि कन्या को पैर लगाना बहुत बड़ा पाप है। इससे कुल की पवित्रता भंग होती है और आने वाली पीढ़ी प्रभावित होती है।

वृद्ध व्यक्ति अनुभव और ज्ञान का खजाना होते हैं। चाणक्य नीति में वृद्ध को पैर लगाने को घोर अपराध माना गया है। उनका सम्मान करना धर्म है। उनका अपमान करने से आयु और सुख दोनों कम होते हैं।

शिशु भगवान का सबसे पवित्र रूप होता है। चाणक्य कहते हैं कि शिशु को पैर लगाना बेहद पापपूर्ण है। इससे व्यक्ति की संतान सुख प्रभावित होता है और आने वाली पीढ़ियां दुख भोगती हैं।

चाणक्य नीति हमें सिखाती है कि इन सातों का सम्मान करना ना सिर्फ धर्म है, बल्कि अपना भला भी है। इनका अपमान करने से पाप लगता है और उसका फल आने वाली पीढ़ियों तक जाता है। आज के समय में भी ये शिक्षाएं प्रासंगिक हैं।

जो व्यक्ति इन सातों का सम्मान करता है, उसके जीवन में शांति और समृद्धि बनी रहती है। चाणक्य नीति की ये सीख हमें सिखाती है कि छोटी-छोटी बातों में भी सावधानी बरतनी चाहिए। सम्मान की भावना रखकर हम ना सिर्फ खुद को, बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ियों को भी सुखी बना सकते हैं।

आज की भागती हुई जिंदगी में हम अक्सर इन छोटी-छोटी बातों को भूल जाते हैं। लेकिन चाणक्य की यह नीति आज भी उतनी ही सही है। अगर हम इन सात का सम्मान करेंगे, तो घर में शांति बनी रहेगी, भाग्य मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियां भी सुखी रहेंगी।

संक्षिप्त विवरण
नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
विस्तृत बायो परिचय और अनुभव
डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
अंक ज्योतिष
हस्तरेखा विज्ञान
वास्तु शास्त्र
वैदिक ज्योतिष
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