चारों तरफ घुप अंधेरा…कमरे में पसरा सन्नाटा….घड़ी में तकरीबन एक बजे थे….तमाम लोग गहरी नींद में सो रहे थे…लेकिन कोई था जिसकी आंखों में नींद नहीं थी…वो बिस्तर पर लेटे-लेटे चुपचाप एक-एक पल गिन रहा था…घर के लोग आने वाले खतरे से अंजान थे…और उसके दिमाग में चल रही थी एक खतरनाक साजिश….थोडी देर तक वो यूं ही लेटा रहा…और फिर अचानक उठकर दबे पांव अपनी बेटी के बेडरूम में पहुंच गया….नाबालिग बेटी बिस्तर पर बेसुध सो रही थी…पिता ने उसे देखा….कुछ सोचा और अगले ही पल उसने बेटी का गला दबाना शुुरु कर दिया…बेटी चीख भी नहीं पाई…और पिता ने गला घोंटकर उसे मार डाला…. चारों तरफ घुप अंधेरा…कमरे में पसरा सन्नाटा….घड़ी में तकरीबन एक बजे थे….तमाम लोग गहरी नींद में सो रहे थे…लेकिन कोई था जिसकी आंखों में नींद नहीं थी…वो बिस्तर पर लेटे-लेटे चुपचाप एक-एक पल गिन रहा था…घर के लोग आने वाले खतरे से अंजान थे…और उसके दिमाग में चल रही थी एक खतरनाक साजिश….थोडी देर तक वो यूं ही लेटा रहा…और फिर अचानक उठकर दबे पांव अपनी बेटी के बेडरूम में पहुंच गया….नाबालिग बेटी बिस्तर पर बेसुध सो रही थी…पिता ने उसे देखा….कुछ सोचा और अगले ही पल उसने बेटी का गला दबाना शुुरु कर दिया…बेटी चीख भी नहीं पाई…और पिता ने गला घोंटकर उसे मार डाला….
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