Sonbhadra News: हॉस्पीटल चला रहे युवक ने रेलवे में नौकरी के नाम पर ऐंठे 50 लाख, घर पर पहुंचे पीड़ित तो… – Newstrack

Sonbhadra News: सोनभद्र। सोनभद्र के रहने वाले एक युवक की नटवरलाल सरीखी कहानी सामने आई है। आरोप है कि बगैर चिकित्सकीय डिग्री के युवक ने सटे बिहार के भभुआ जिले में हॉस्पिटल का संचालन शुरू किया। इसके जरिए लोगों से जान पहचान बड़ी तो सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रुपयों की ठगी शुरू कर दी। फिलहाल देवरिया जिले के आधा दर्जन से अधिक लोगों से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है।
आरोपी के घर पहुंचे पीड़ित
पुलिस को लेकर पहुंचे पीड़ित तो पिछले दरवाजे से भाग खड़ा हुआ आरोपी:
दावा किया जा रहा है कि 50 लाख की ठगी की गई। पुलिस के हस्तक्षेप पर कुछ रुपए तो वापस किए गए लेकिन अधिकांश रकम डकार ली गई। लगातार दबाव के बाद भी जब पूरे रुपए वापस नहीं हुई तो पीड़ित रविवार को रायपुर थाना क्षेत्र स्थित आरोपी के घर धमक पड़े। थाने पहुंचकर तहरीर दी तो पुलिस भी पहुंच गई लेकिन आरोपी पिछले दरवाजे से भाग खड़ा हुआ। वहीं, पीड़ित देर शाम तक आरोपी के घर पर धरना देने के बाद लौट गए।
बताया जा रहा है कि अस्पताल संचालन के दौरान आरोपी की, देवरिया जिले के रहने वाले कुछ लोगों से पहचान हो गई। उनके जरिए वह देवरिया पहुंचा और वहां खुद का नाम और पहचान दोनों बदलकर लोगों को रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि रेलवे के ग्रुप सी और डी में नौकरी दिलाने के नाम पर देवरिया जिले के आठ लोगों से 50 लाख रुपए वसूल लिए गए। जब पीड़ितों को नौकरी नही मिली तो उन्होंने आरोपी पर दबाव बनाना शुरू किया। कुछ दिन तक तो बहाने बाजी चलती रही । इसके बाद पीड़ित भभुआ पहुंच गए। वहां की पुलिस ने सख्ती दिखाई तो 5 लाख देकर शेष को जल्द देने की बात करते हुए स्टांप पर लिखा पढ़ी की गई।
बताया जा रहा है इसके बाद आरोपी भभुआ से गायब हो गया। पीड़ितों का कहना है कि जब उन लोगों ने आरोपी से बात की तो उसने पहले बहाने बाजी की इसके बाद धमकियां देनी शुरू कर दी। किसी तरह आरोपी का मूल एड्रेस पता कर पीड़ित रविवार को रायपुर पहुंच गए। रायपुर पुलिस को तहरीर देने के बाद वह आरोपी के घर पहुंचे। कुछ देर में पुलिस भी पहुंच गई। आरोप है कि यह देख आरोपी घर के पीछे वाले रास्ते से भाग निकला।
मुकदमा दर्ज नहीं करना चाह रहे पीड़ित : पुलिस
देवरिया जिले के रहने वाले पंकज मिश्रा पुत्र दयाशंकर , बिट्टू प्रसाद पुत्र शारदा प्रसाद, दयानंद शर्मा पुत्र दीनानाथ, जितेंदर यादव पुत्र राज किशोर, आकांक्षा यादव आदि का कहना था कि अगर रुपए उन्हें वापस नहीं मिले तो वह आत्मदाह जैसा कदम उठाने के लिए विवश हो सकते हैं। वहीं, रायपुर थानाध्यक्ष रामदरश राम का कहना था कि पीड़ितों ने कुछ दिन पूर्व भभुआ थाने में तहरीर दी थी। वहां, दोनों पक्षों के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर समझौता हुआ था। पीड़ित मुकदमा नहीं दर्ज कराना चाहते हैं। वह पैसा लेने के लिए आरोपी के घर पहुंचे थे उसके न मिलने पर शाम को वापस हो गए। पीड़ितों से मामला दर्ज कराने के लिए कहा गया था लेकिन उनका कहना था कि भभुआ में उन लोगों ने पहले से तहरीर दे रखी है। मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी वहीं की जाएगी।
This Quiz helps us to increase our knowledge

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News