मुख्य बातें
Stock Market Today 7:36 AM: शेयर बाजार में कल यानी गुरुवार को आए भूचाल के बाद आज शुक्रवार, 9 अक्टूबर को सेंसेक्स और निफ्टी में तेज उतार-चढ़ाव के आसार हैं। शुरुआत में गिफ्ट निफ्टी करीब 22,370 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 140 अंक ऊपर था। बाद में यह तेजी घटकर 13 अंक तक आ गया। यानी गुरुवार की भारी गिरावट के बाद आज बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वैसे भी ग्लोबल मार्केट में कमजोरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण बाजार पर दबाव बने रहने की आशंका है।
अमेरिकी श्रम विभाग ने गुरुवार को माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी के साथ कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो, एचसीएलटेक और कैपजेमिनी को PERM कार्यक्रम से सस्पेंड करने की घोषणा की।
विभाग ने माइक्रोसॉफ्ट और एडोब के मामले में चल रही संघीय जांच का हवाला दिया, जबकि अन्य कंपनियों पर भी अमेरिकी रोजगार और इमिग्रेशन कार्यक्रमों के कथित दुरुपयोग को लेकर कार्रवाई की गई है। विभाग ने संबंधित कंपनियों के नए आवेदनों को मंजूर करने और लंबित आवेदनों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर रोक लगाई है।
ऐसे में आज घरेलू शेयर बाजार में इन्फोसिस, TCS, विप्रो, एचसीएलटेक और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं। हालांकि, PERM कार्यक्रम पर रोक को H-1B वीजा रद्द होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। यह कार्रवाई मुख्य रूप से रोजगार-आधारित स्थायी निवास की प्रक्रिया को प्रभावित करती है।
गुरुवार को आया था भूचाल: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 1,045 अंक यानी 1.44 प्रतिशत गिरकर 71,593 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 371 अंक यानी 1.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,231 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 22,179 तक फिसल गया, जो एक नया इंट्राडे 52 सप्ताह का निचला स्तर था।
टेक्नीकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,180 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट है। इसके नीचे फिसलने पर इसमें गिरावट 22,000 की ओर बढ़ सकती है। दूसरी ओर, 22,350 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। निफ्टी अगर इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो बाजार में रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्नीकल एनालिस्ट रुपक डे के मुताबिक, निफ्टी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। आरएसआई में भी मंदी का संकेत बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को बाजार में स्पष्ट दिशा मिलने तक सतर्क रहने की जरूरत है।
सेंसेक्स के तकनीकी आउटलुक में 72,000 से 72,300 का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इस दायरे के ऊपर बना रहता है, तो बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद की जा सकती है। वहीं, 73,000 से 73,200 के स्तर के ऊपर निर्णायक बढ़त खरीदारी को मजबूती दे सकती है। इसके विपरीत, 72,000 के नीचे लगातार कारोबार होने पर बाजार में मंदी का दबाव बढ़ सकता है।
अमेरिकी बाजार: अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज शुरुआती गिरावट से उबरकर मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके उलट, एसएंडपी 500 में 0.5 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 1.25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी खबरों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
एशियन मार्केट: एशियाई बाजारों में भी कमजोरी दिखाई दी। जापान का निक्केई 225 शुरुआती कारोबार में करीब एक प्रतिशत नीचे था। दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजार शुक्रवार को छुट्टी के कारण बंद रहे। वैश्विक बाजारों से मिले इन संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतें: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारतीय शेयर बाजार के लिए एक प्रमुख जोखिम बनी हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा कच्चा तेल आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकता है। इससे ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं और कंपनियों की कमाई को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो बाजार को राहत मिल सकती है। इसके उलट, कीमतों में फिर तेजी आने पर बिकवाली बढ़ने का जोखिम रहेगा।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में ‘लाइव हिन्दुस्तान’ की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए ‘कुछ अलग’ और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play