यूपी के सुल्तानपुर में जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है, सुल्तानपुर में थानाध्यक्ष सहित 3 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. सुल्तानपुर की पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है. पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है.
दरअसल, यह पूरा मामला गोसाईगंज थाना क्षेत्र के राजापुर दिनवा तालाब के पास का है. बताया गया कि गोवंश की तस्करी की खबर पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची थी, पुलिस ने गोमांस समेत अन्य उपकरणों के साथ कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया था. जब आरोपियों को अदालत में पेश किया गया तो मजिस्ट्रेट ने आरोपियों की रिमांड स्वीकार नहीं की, जिससे सभी आरोपी बरी हो गए.
सुल्तानपुर की पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने जब इस प्रकरण की तहकीकात अपने तरीके से की तो जांच में लापरवाही की बात सामने आई. एसपी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से पुलिस ने जानबूझकर पर्याप्त सबूत प्रस्तुत नहीं किए, जिस वजह से आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया.
इस प्रकरण में पुलिस अधीक्षक ने विवेचक अनिल यादव और घटना की सही मॉनिटरिंग न करने के चलते थानाध्यक्ष राम आशीष उपाध्याय और हेड कांस्टेबल राघवेंद्र प्रताप सिंह को भी निलंबित कर दिया है.आपको बता दें कि बीते दिनों एसपी चारू निगम ने गोसाईगंज थानाध्यक्ष राम आशीष उपाध्याय का तबादला बल्दीराय थाने में किया गया था लेकिन आज नए थाने का चार्ज लेने से पहले ही उन्हें निलंबित कर दिया.
फिलहाल, गो-तस्करी प्रकरण में लापरवाही बरतने के मामले में पुलिसकर्मियों हुई इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप है. साथ ही इस कार्रवाई ने यह भी संदेश दिया है कि जांच में लापरवाही किसी भी सूरत बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
Source: IOCL
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