Varanasi News: बारिश : 20 फीसदी धान की फसल का नुकसान – Hindustan

Varanasi News: वाराणसी, हिन्दुस्तान टीम। पिछले दो दिन से हो रही बारिश से धान की 20 से 25 फीसदी फसल को नुकसान होने का अनुमान है। खड़ी फसलें गिर गई हैं काटकर खेत-खलिहान में रखी गई फसल के भीगने से उसमें फंगस (फंफूद) लगने और रंग खराब होने का डर है। धान की कटाई, सुखाई और ढुलाई बाधित हो गई है। खेतों में पानी जमा होने से सब्जी फसलों के भी सड़ने की आशंका है। कल्लीपुर कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि इस समय धान कटाई आखिरी दौर में है। बारिश से लगभग 20 से 25% फसल के नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि इस बारिश से तीन तरह का नुकसान होता है। पहला, तेज हवा से खड़ी फसल गिर जाती है। गिरे पौधों की बालियों में दाना काला पड़ जाता है और हार्वेस्टर नहीं चल पाता। दूसरा, कटी हुई फसल भीगने से अंकुरण, फफूंद और रंग खराब होने का सबसे ज्यादा डर रहता है। तीसरा, मंडी या घर में रखे अनाज में नमी ज्यादा होने से कीड़ा और फफूंद लगेगा। रोहनिया संवाद के अनुसार धान की फसल इस समय एकदम पककर तैयार है। मौसम खराब नहीं होता तो जल्द ही धान की मड़ाई शुरू हो जाती। करसड़ा निवासी किसान रामकुमार पटेल ने बताया कि कृषकों पर बेमौसम की बारिश की मार पड़ी है। जक्खिनी संवाद के अनुसार पनियरा, धानापुर, भवानीपुर, शहंशाहपुर, सिंहोरवा दक्षिणी, जक्खिनी, नरसड़ा, बहादुरपुर, जमुनीपुर, मरूई, पचाई, जयापुर, चंदापुर, सिंगही, वीरसिंहपुर आदि गांवों में धान की फसल लोट गई है। किसानों की चिंता है कि यदि बारिश इसी तरह शनिवार और रविवार को भी हुई तो काफी नुकसान होगा।
इनका खेत था तैयार, बढ़ा इंतजार
चौबेपुर संवाद के अनुसार खेतों में पानी भरने से आलू, सरसों और मटर की बोआई लेट होगी। रथौली के किसान दुर्गेश चौबे ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी स्थिति में थी, लगभग एक हफ्ते बाद कटाई शुरू होने वाली थी। लेकिन, तेज हवा और बारिश के कारण नुकसान हुआ है।
किसान अभी क्या करें
– जिनका धान खेत में खड़ा है, उसकी कटाई रोक दें। हवा-बारिश में कंबाइन न चलाएं।
– खेत से पानी निकासी के लिए नाली बना दें और जलभराव न होने दें।
– खेत-खलिहान में रखी फसल को तिरपाल या पॉलीथीन से तुरंत ढक दें। नीचे भी पॉलीथीन बिछा कर उस पर ढेर लगाएं।
– खुले में रखा धान ऊंची जगह पर इकट्ठा करें।
– भीगा हुआ धान सूखने पर ही थ्रेसिंग करें।
– मंडी या घर में रखे धान के बोरे को दीवार से हटाकर लकड़ी के तख्ते पर रखें।
– नमी नाप कर ही भंडारण करें यानी 14% से ज्यादा नमी पर भंडारण न करें।
– धूप निकलते ही 2-3 दिन फसल को अच्छी तरह सुखाएं।
– बारिश रूकने के बाद ब्राउन प्लांट हॉपर और ब्लास्ट कीट लगने की निगरानी करें।
– कीटनाशक का छिड़काव अभी बिलकुल न करें अन्यथा दवा धुल जाएगी।
– फसल बीमा करने वाले किसान 14447 पर कॉल करके बताएं।
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