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वडोदरा: विजय हजारे ट्रॉफी 2024-25 का फाइनल मुकाबला वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेला जा रहा है, जहां कर्नाटक ने विदर्भ के सामने 349 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है। कर्नाटक ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट पर 348 रन बनाए। अब विदर्भ के पास अपने क्रिकेट इतिहास में पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जीतने का सुनहरा मौका है।
स्मरण रविचंद्रन की शतकीय पारी
कर्नाटक के लिए स्मरण रविचंद्रन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 92 गेंदों पर 101 रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उनके अलावा अभिनव मनोहर ने 79 और कृष्णन श्रीजीत ने 78 रनों की उपयोगी पारियां खेली। कप्तान मयंक अग्रवाल ने 31 और अनीश केवी ने 23 रनों का योगदान दिया। देवदत्त पडिक्कल 8 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
कर्नाटक की बल्लेबाजी शुरुआत से ही आक्रामक रही, लेकिन विदर्भ के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में कुछ हद तक पकड़ बनाने की कोशिश की। इसके बावजूद कर्नाटक ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाते हुए बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया।
कर्नाटक की नजर पांचवीं ट्रॉफी पर
कर्नाटक पहले ही विजय हजारे ट्रॉफी को चार बार जीत चुका है और आज उसकी नजर रिकॉर्ड पांचवीं बार इस खिताब पर कब्जा जमाने पर है। सेमीफाइनल में कर्नाटक ने हरियाणा को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
विदर्भ के पास इतिहास रचने का मौका
दूसरी ओर, करुण नायर की कप्तानी में विदर्भ की टीम पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है। टीम का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा है। कप्तान करुण नायर बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में अब तक 752 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक और 1 अर्धशतक शामिल है। नायर ने विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में किसी भी कप्तान द्वारा सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
रोमांचक मुकाबले की उम्मीद
कर्नाटक और विदर्भ दोनों टीमें जबरदस्त फॉर्म में हैं। कर्नाटक का अनुभव और विदर्भ की युवा टीम का जोश इस मुकाबले को रोमांचक बना रहा है। क्या विदर्भ पहली बार खिताब जीतकर इतिहास रचेगा या कर्नाटक अपने अनुभव से बाजी मारेगा? यह देखना दिलचस्प होगा।
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