सरकारी नौकरी का बदलता चेहरा
8.24 लाख पद खाली हैं, लेकिन भरे नहीं जा रहे. यानी नौकरियां हैं, लेकिन भर्ती नहीं हो रही. ठेका कर्मचारियों का बढ़ता दबदबा बताता है कि सरकारी नौकरी अब उतनी सुरक्षित नहीं रही. कांग्रेस ने सरकार पर ‘8.24 लाख खाली पद’ को लेकर हमला करते हुए कहा कि सरकार ने ‘बेरोजगारी को न्यौता’ दिया है.
खाली पदों पर कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग के लिए सरकारी विभाग गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं. इस पर पिछले साल रिकॉर्ड 10 लाख कर्मचारी आउटसोर्स किए गए. जानकारों के मुताबिक, कई विभाग और मंत्रालय ठेके पर कर्मचारी रखने के बजाय सीधे कंपनियों को ही काम आउटसोर्स कर रही हैं. डिफेंस (सिविलियन) में सर्वाधिक 2.42 लाख पद खाली हैं. कॉमर्स में आधे से ज्यादा पद नहीं भरे हैं.
पब्लिक एंटरप्राइजेज सर्वे-2015 के मुताबिक, 2015 में देश के 298 PSUs में कुल 15,87,149 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनमें से 2,95,975 कर्मचारी ठेके पर थे. 2025 में 475 PSUs में कुल 15,42,339 कर्मचारी थे. इनमें से सिर्फ 7,83,728 रेगुलर थे. बाकी 7,58,611 कर्मी ठेके पर थे.
ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.
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