नई दिल्ली, एजेंसी। देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना हुआ है। जहां पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। वहीं, कमजोर मानसून के कारण दक्षिण बंगाल और कुछ अन्य राज्यों में गर्मी और लू का असर जारी रहने का अनुमान है।
नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 18 से 22 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी इस दौरान धूल भरी आंधी, बिजली गिरने और 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अल नीनो के कारण उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, गुजरात, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र सहित 12 राज्यों में मानसून पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए केंद्रीय मंत्री ने इन राज्यों के 326 संवेदनशील जिलों के लिए वैकल्पिक कृषि योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि वर्षा की कमी की स्थिति में किसानों को समय पर सहायता मिल सके।
मौसम विभाग ने 18 जून के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ओलावृष्टि, आंधी और बिजली गिरने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य में 22 जून तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में गोहर में 44.6 मिलीमीटर, जोत में 41 मिलीमीटर और कुफरी में 39.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
महाराष्ट्र में 1 से 15 जून के बीच सामान्य 103.8 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 27.4 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह सामान्य वर्षा का मात्र 26 प्रतिशत है। राज्य सरकार ने किसानों को फिलहाल बुवाई में जल्दबाजी न करने की सलाह दी है। रिपोर्ट के अनुसार, 18 जून के बाद विदर्भ और मराठवाड़ा में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
राजस्थान के कई हिस्सों में मंगलवार को हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान देखने को मिला। चूरू में 29 मिलीमीटर और सीकर में 25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं झुंझुनूं जिले के पिलानी में पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 50.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विभाग ने 16 से 21 जून के बीच बंगाल की खाड़ी, अरब सागर, अंडमान सागर और मन्नार की खाड़ी में खराब मौसम की चेतावनी जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। साथ ही किसानों को फसलों को ओलावृष्टि और जलभराव से बचाने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून पिछले सप्ताह दक्षिण बंगाल पहुंच चुका है, लेकिन इसकी गतिविधि कमजोर बनी हुई है। इसके कारण क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं हो रही और उमस भरी गर्मी जारी है।
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