भारतीय मूल के डॉक्टर अद्वैत देशमुख को ओहियो के टोलेडो अस्पताल में महिलाओं के गुप्त वीडियो बनाने के आरोप में 6 महीने की जेल हुई है। …और पढ़ें
सांकेतिक तस्वीर।
डॉक्टर अद्वैत देशमुख को 6 महीने की जेल हुई।
अस्पताल में महिलाओं के गुप्त वीडियो बनाए थे।
यौन अपराधी के रूप में पंजीकरण कराना होगा।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका के ओहियो राज्य के टोलेडो शहर से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। टोलेडो अस्पताल के कर्मचारी शौचालय में महिलाओं के गुप्त वीडियो और तस्वीरें बनाने के मामले में भारतीय मूल के डॉक्टर अद्वैत देशमुख को 6 महीने जेल की सजा सुनाई गई है। अद्वैत देशमुख ने अदालत में साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने और गुप्त रूप से रिकॉर्ड करने के आरोपों में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
मामले में सुनवाई के दौरान जज माइकल गोल्डिंग ने डॉक्टर देशमुख को सजा सुनाते हुए कई कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने देशमुख को 6 महीने की जेल की सजा के साथ साथ जेल के बाद 3 साल की निगरानी में रहने की सजा भी सुनाई। देशमुख को अगले 15 सालों तक यौन अपराधी के रूप में अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके अलावा मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट और यौन अपराधियों के लिए चलने वाले विशेष काउंसलिंग सेशन में शामिल होना अनिवार्य होगा।
अदालत में डॉक्टर देशमुख ने अपने किए पर पीड़ितों से माफी मांगी। उनके वकील ने जेल की जगह सिर्फ प्रोबेशन की मांग की थी और कहा कि डॉक्टर अपना इलाज करा रहे हैं, लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जेल की सजा सुनाई।
बता दें कि यह घटना जून 2025 में सामने आई थी। टोलेडो अस्पताल के एक यूनिसेक्स वॉशरूम में एक डिब्बे (Box) के अंदर छिपाकर रखा हुआ मोबाइल फोन मिला। जब अस्पताल के एक कर्मचारी ने उस फोन को निकालने की कोशिश की, तो डॉक्टर अद्वैत देशमुख ने तुरंत फोन छीन लिया और दावा किया कि वह उनका है।
पुलिस और अस्पताल प्रशासन की जांच में फोन से फरवरी से मई 2025 के बीच की 82 आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो मिले। जांच में 6 महिलाओं को पीड़ित के रूप में चिन्हित किया गया है, हालांकि पुलिस का मानना है कि पीड़ितों की संख्या और भी हो सकती है।
सजा सुनाए जाने के दौरान एक पीड़ित महिला अस्पताल की कर्मचारी लिंडेस ने कोर्ट में अपना दर्द साझा किया। उन्होंने बताया कि इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया है।
महिला का कहना है कि मुझे आज भी हर बार बाथरूम जाने से पहले हिडन कैमरा चेक करने की आदत पड़ गई है। रात भर यही डर सताता रहता है कि वो तस्वीरें कहां-कहां गई होंगी, क्योंकि इंटरनेट या डिजिटल दुनिया से कोई भी चीज कभी पूरी तरह डिलीट नहीं होती।