Trump Administration Suspends New Student Visa Interviews
Trump Suspends New Student Visa: एक बड़े नीतिगत बदलाव के तहत ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में स्थित अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल प्रभाव से नए विद्यार्थी वीज़ा आवेदकों के लिए इंटरव्यू शेड्यूल करना बंद कर दें। इस फैसले से उन लाखों अंतरराष्ट्रीय छात्रों को बड़ा झटका लगा है जो अमेरिका में पढ़ाई करने की योजना बना रहे थे। यह निर्देश उस समय आया है जब प्रशासन सभी अंतरराष्ट्रीय छात्र वीज़ा आवेदकों के लिए सोशल मीडिया की व्यापक जांच लागू करने की तैयारी कर रहा है।
27 मई 2025 को विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा हस्ताक्षरित एक राजनयिक संदेश के अनुसार, अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों को F (शैक्षणिक छात्र), M (व्यावसायिक छात्र), और J (एक्सचेंज विज़िटर) वीज़ा श्रेणियों के लिए नई अपॉइंटमेंट की व्यवस्था फिलहाल रोकने का आदेश दिया गया है।
“तत्काल प्रभाव से, आवश्यक सोशल मीडिया जांच और सत्यापन के विस्तार की तैयारी में, वाणिज्य दूतावासों को तब तक किसी भी नए F, M, और J वीज़ा इंटरव्यू की व्यवस्था नहीं करनी चाहिए जब तक आगे की दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं होते, जिसकी हमें आने वाले दिनों में अपेक्षा है।”
नई नीति के तहत कांसुलर अधिकारी आवेदकों के इंस्टाग्राम, टिकटॉक, X (पूर्व में ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। इसमें उनकी पोस्ट्स, लाइक्स, कमेंट्स और शेयर भी शामिल होंगे। अधिकारियों को “संभावित आपत्तिजनक” कंटेंट का स्क्रीनशॉट सेव करने का भी निर्देश दिया गया है, भले ही वह बाद में डिलीट कर दिया गया हो।
यह नीति पहले केवल उन छात्रों पर केंद्रित थी जो प्रो-पैलेस्टीन प्रदर्शन में शामिल थे, लेकिन अब इसे सभी अंतरराष्ट्रीय आवेदकों पर लागू किया जाएगा — जिससे इसकी पहुंच और प्रभाव काफी व्यापक हो जाएगा।
इस वीज़ा इंटरव्यू रोक के चलते 10 लाख से अधिक अंतरराष्ट्रीय छात्रों की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं, जो हर साल अमेरिकी अर्थव्यवस्था में $43.8 बिलियन डॉलर का योगदान करते हैं और 3.78 लाख नौकरियों का समर्थन करते हैं (NAFSA के अनुसार)।
भारत जैसे देशों पर इसका प्रभाव और भी गंभीर है — जनवरी से सितंबर 2024 के बीच भारतीय छात्रों को जारी किए गए F-1 वीज़ा में 38% की गिरावट पहले ही दर्ज की गई है।
इस रोक से वीज़ा प्रोसेसिंग में भारी देरी की संभावना है, खासकर जब कांसुलर अधिकारी अब सोशल मीडिया प्रोफाइल की समीक्षा का अतिरिक्त कार्यभार उठाएंगे।
कई दूतावासों में पहले से ही वीज़ा साक्षात्कार की प्रतीक्षा अवधि दो महीने से लेकर कई महीनों तक फैली हुई है।
गर्मी या शरद 2025 सत्र के लिए नामांकन की योजना बना रहे छात्रों की शैक्षणिक समयसीमा प्रभावित हो सकती है, जिससे उन्हें नामांकन टालना या कनाडा, ब्रिटेन या जर्मनी जैसे विकल्पों की ओर रुख करना पड़ सकता है।
यह कदम ट्रंप प्रशासन की उन नीतियों का हिस्सा है, जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों और उदारवादी विश्वविद्यालयों के खिलाफ कठोर रुख अपनाने की दिशा में उठाए जा रहे हैं।
प्रशासन का दावा है कि यह नीति राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है ताकि कट्टरपंथी या अमेरिका-विरोधी विचारधारा रखने वाले व्यक्तियों को देश में प्रवेश से रोका जा सके।
यह विस्तृत जांच मार्च 2025 में लागू की गई पहले की उन नीतियों का विस्तार है, जिनमें ग्रीन कार्ड आवेदकों और प्रो-पैलेस्टीन प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के लिए सोशल मीडिया स्कैनिंग अनिवार्य की गई थी।
हालांकि विदेश विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि यह रोक अस्थायी है। जो इंटरव्यू पहले से शेड्यूल किए जा चुके हैं, वे वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार चलते रहेंगे। लेकिन जब तक नई जांच प्रणाली लागू नहीं हो जाती, कोई नया अपॉइंटमेंट नहीं दिया जाएगा।
ट्रंप प्रशासन का यह कदम उनकी पहली कार्यकाल की सोशल मीडिया समीक्षा नीतियों की निरंतरता को भी दर्शाता है, जिसे बाइडेन प्रशासन ने भी जारी रखा था।
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