मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश में अराजकता के जरिए सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने वाली शक्तियों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता जनता के जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ शक्तियां बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देख रही हैं और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के बजाय अराजकता की ओर धकेलना चाहती हैं।
योगी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि चुनाव सुधार, न्याय और लोकतंत्र के नाम पर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र जनविश्वास की मजबूत नींव पर खड़ा है और षड्यंत्रों से इसे हिलाया नहीं जा सकता।
चुनाव सुधार के नाम पर अस्थिरता फैलाने का आरोप
मुख्यमंत्री ने चुनाव सुधार और न्याय की मांगों के संदर्भ में राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि चुनाव सुधार का मुखौटा, न्याय का नारा और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बोने वालों को समझना चाहिए कि भारत का लोकतंत्र जनविश्वास की जड़ों पर खड़ा विशाल वटवृक्ष है। उनके मुताबिक, षड्यंत्रों के अंधड़ इसे हिला नहीं सकते।
‘युवाशक्ति राष्ट्र निर्माण के लिए, सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं’
योगी ने युवाओं की भूमिका को लेकर कहा कि देश की युवाशक्ति राष्ट्र का भविष्य संवारने के लिए है, किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक शक्तियां अपने उद्देश्यों के लिए युवाओं को अराजकता का औजार बनाना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए, न कि राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने में।
‘मारीचों-कालनेमियों को पहचान चुकी है जनता’
मुख्यमंत्री ने राजनीतिक विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘मारीच’ और ‘कालनेमि’ कहा। उन्होंने लिखा कि जनता-जनार्दन राजनीति के इन मारीचों-कालनेमियों को पहचानकर सत्ता से दूर कर चुकी है। अब वे देश को अराजकता की आग में झोंककर कुर्सी हथियाना चाहते हैं। योगी ने कहा कि देश ऐसी किसी भी राजनीतिक साजिश को सफल नहीं होने देगा। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में सत्ता हासिल करने का रास्ता जनता का विश्वास और जनादेश है।
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