अल्मोड़ा में स्वामी विवेकानन्द के विचारों, शिक्षा और कौशल विकास विषय पर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का आयोजन किया गया। रामकृष्ण कुटीर अल्मोड़ा और सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में देश-विदेश से आए शिक्षाविदों और विशेषज
शिवानन्द सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्वामी विवेकानन्द के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक व्यवस्था और कौशल विकास के क्षेत्र में उनके सिद्धांतों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
विकसित भारत के लिए विवेकानन्द के विचार जरूरी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए स्वामी विवेकानन्द के विचारों को आत्मसात करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को देश को सर्वोपरि मानते हुए अपनी पूरी क्षमता राष्ट्र के विकास में लगानी चाहिए।
शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत बनाने पर जोर विशिष्ट अतिथि ढाका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मिल्टन कुमार देव ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के सिद्धांत आज भी शिक्षा और सामाजिक व्यवस्था को दिशा देने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि इन विचारों को अपनाकर कौशल विकास और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
शोध पत्र के लिए सम्मानित हुईं डॉ. ललिता रावल कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकृष्ण मठ नरोत्तम नगर के सचिव एवं ट्रस्टी स्वामी अच्युतेशानन्द ने की। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक विचारों को अपनाकर देशहित में कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग की डॉ. ललिता रावल को उनके उत्कृष्ट शोध पत्र के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. चन्द्र प्रकाश फुलोरिया ने किया।
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