नई दिल्ली, एजेंसी। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय अप्रैल 2027 से असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण वित्त वर्ष के आधार पर कराएगा। यह अप्रैल 2027 से मार्च 2028 तक चलेगा। सर्वेक्षण में असंगठित क्षेत्र की बदलती जरूरतों और संरचना को समझने के लिए कई नए सवाल शामिल किए जाएंगे। मंत्रालय के मुताबिक, इस सर्वेक्षण में पहली बार महिला उद्यमियों को कारोबार चलाने और प्रबंधन में आने वाली लैंगिक आधार पर विशिष्ट बाधाओं से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इससे असंगठित क्षेत्र में महिला उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही सर्वेक्षण में प्रतिष्ठानों की निवेश प्रवृत्ति को बेहतर ढंग से समझने के लिए नया सवाल जोड़ा गया है। इसके अलावा, उद्यमों में बिजली के इस्तेमाल के विभिन्न स्रोतों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी। इससे असंगठित क्षेत्र में ऊर्जा के इस्तेमाल की अधिक व्यापक तस्वीर सामने आएगी।
नीति बनाने और राष्ट्रीय लेखांकन में उपयोग
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) 2021-22 से असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण कर रहा है। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और प्रतिष्ठानों की विशेषताओं से जुड़ी व्यापक सांख्यिकीय जानकारी जुटाना है। सर्वेक्षण के आंकड़ों का इस्तेमाल आर्थिक विश्लेषण, नीतियां बनाने और राष्ट्रीय लेखांकन में किया जाता है। असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह रोजगार और सकल मूल्य वर्धन में बड़ा योगदान देता है तथा बड़ी संख्या में लोगों को आजीविका उपलब्ध कराता है। संगठित क्षेत्र से जुड़ाव के जरिये भी यह आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देता है।
15 नवंबर तक मांगे सुझाव
मंत्रालय ने कहा कि एएसयूएसई 2026 के दौरान विभिन्न मंचों के माध्यम से संबंधित पक्षों से सुझाव और आंकड़ों से जुड़ी जरूरतों की जानकारी मिली। इन सुझावों और एनएसओ के आंतरिक आकलन के आधार पर 2027-28 के सर्वेक्षण की प्रश्नावली में बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। मंत्रालय ने प्रस्तावित प्रश्नावली पर टिप्पणियां और सुझाव निर्धारित प्रारूप में 15 नवंबर 2026 तक भेजने को कहा है।
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