आज करवा चौथ पर शिववास योग में होंगे चंद्र दर्शन, जानें किस समय न करें पूजा, विधि, मंत्र से लेकर सबकुछ – Hindustan

करवा चौथ की पूजा किस समय करें: आज 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को करवा चौथ पर शिववास योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। शाम 07:36 बजे के बाद शिववास योग प्रारंभ होगा जो कि 30 अक्तूबर की शाम 04 बजे के आसपास तक रहेगा। शिववास योग में शिव पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन इस संयोग में शिव पूजन करने से जातक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। आज करवा चौथ पर शिववास योग के शुभ संयोग में ही चंद्र दर्शन भी होंगे। चंद्रमा भगवान शिव को अति प्रिय हैं, इसलिए वे उसे अपने मस्तक पर धारण करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान शिव का निवास ‘कैलाश’ पर रहता है। यह दिन शिव पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। करवा चौथ में भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश के साथ माता करवा की पूजा का विधान है। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। मान्यता है कि करवा चौथ व्रत करने से पति की आयु लंबी और सुखद वैवाहिक जीवन मिलता है। जानें आज शिववास योग में किस समय चंद्रमा निकलेगा, पूजा का समय, विधि, मंत्र आदि।

करवा चौथ का चांद नई दिल्ली के समयानुसार रात 8:17 बजे के आसपास नजर आ सकता है। चंद्रमा निकलने का सटीक समय अलग-अलग स्थानों पर थोड़ा भिन्न हो सकता है।

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करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 38 मिनट पर प्रारंभ होगा जो कि शाम 06 बजकर 56 बजे तक रहेगा। कुछ स्थानों पर करवा चौथ की पूजा के समय व्रत का पाठ सुबह किया जाता है, जबकि कुछ लोग शाम के समय व्रत कथा का पाठ करते हैं।

हिंदू धर्म में राहुकाल को अत्यंत अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस समय किए गए पूजा-पाठ या मांगलिक कार्य का उत्तम फल प्राप्त नहीं होता है। 29 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ के दिन राहुकाल दोपहर 1:28 बजे से दोपहर 2:52 बजे तक रहेगा। इस समय पूजा-पाठ करने से बचना चाहिए।

1. करवा चौथ पूजा के लिए महिलाएं 16 श्रृंगार करें और लाल या पीली साड़ी पहनें।

2. घर के मंदिर या पूजा स्थल पर एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं।

3. अब चौकी पर भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की फोटो या प्रतिमा स्थापित करें।

4. माता की तस्वीर के दाहिनी ओर जल से भरा कलश रखें। कलश में सुपारी, सिक्का, हल्दी और आम के पत्ते रखें।

5. मिट्टी या धातु के करवे में जल और थोड़े से अक्षत (चावल) भरकर रखें। करवे के कंठ में कलावा बांधे।

6. एक अन्य मीठा करवा पूजा में रखें।

7. अब देवी-देवताओं का ध्यान करते हुए धूप और दीप जलाएं।

8. सभी भगवान को रोली, अक्षत, फूल, वस्त्र, मिठाई और फल अर्पित करें।

9. हाथ में चावल या गेहूं के दाने लेकर करवा चौथ व्रत कथा सुनें या पढ़ें।

10. कथा पूरी होने पर इन दानों को पल्लू में बांध लें।

11. रात में चंद्रमा निकलने पर छलनी में दीपक रखकर दर्शन करें।

12. चंद्रमा को अर्घ्य दें और उनकी पूजा-अर्चना करें।

13. इसके बाद पति का चेहरा देखें और जल ग्रहण करें।

14. अंत में घर के बड़ों का आशीर्वाद लें और उन्हें बायना भेंट करें।

एक जल के पात्र में थोड़ा सा कच्चा दूध, सफेद फूल और अक्षत (चावल ) लें। अब उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह करके चंद्रमा को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय चंद्र देव के प्रिय मंत्र का 11 बार जाप करें।

चंद्रमा को अर्घ्य देते समय इन मंत्रों को बोला जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन और मानसिक शांति का कारक माना जाता है। मान्यता है कि चंद्रमा को अर्घ्य देने से मन शांत रहता है और कुंडली में चंद्र दोष समाप्त होता है।

• ॐ सोमाय नमः

• ॐ चन्द्राय नमः

• ॐ सोम सोमाय नमः

• ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः

करवा चौथ व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्र दर्शन तक निर्जला रखा जाता है। इस व्रत में चांद निकलने तक अन्न और जल का त्याग किया जाता है।

व्रत में शिव परिवार की पूजा अनिवार्य रूप से की जाती है। इसके साथ ही माता करवा की भी पूजा का विधान है।

ब्रह्म मुहूर्त में सास द्वारा दी गई सरगी खाकर व्रत की शुरुआत की जाती है।

इस दिन अपशब्दों, क्रोध या गुस्से से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

व्रती महिलाओं को सोलह श्रृंगार और मेहंदी लगानी चाहिए।

शाम को चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत का पारण करना चाहिए।

संक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
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