गुरुग्राम, अमर मौर्य। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम आपूर्ति और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में हुए समझौते का गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (जीआईए) ने स्वागत किया। इससे गुरुग्राम में उद्योगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध और नया बाजार मिलेगा। यह औद्योगिक विकास तथा आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। जीआईए अध्यक्ष सुमित राव ने कहा कि इस समझौते से ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। औद्योगिक विकास और निवेश के नए अवसर उत्पन्न होंगे। परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से देश में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर व विश्वसनीय होने की संभावना है। जिससे गुरुग्राम के उद्योगों को निर्बाध विद्युत उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापारिक संबंधों के और मजबूत होने से गुरुग्राम स्थित निर्यातक उद्योगों के लिए नए बाजार तथा व्यावसायिक अवसर भी उपलब्ध हो सकते हैं。
जीआईए महासचिव संजीव बंसल ने कहा कि स्थिर व विश्वसनीय ऊर्जा उपलब्ध होने से गुरुग्राम के ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट, इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों की उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी। इससे उद्योगों को दीर्घकालिक विकास का लाभ मिलेगा तथा निवेश का वातावरण भी और बेहतर होगा।
जीआईए के निवर्तमान अध्यक्ष जेएन मंगला ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग तथा औद्योगिक साझेदारी गुरुग्राम के उद्योगों के लिए नए अवसर लेकर आएगी। ऊर्जा एवं औद्योगिक अवसंरचना में सुधार से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) की उत्पादन लागत कम करने, कार्यकुशलता बढ़ाने तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उनकी स्थिति को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी। यह समझौता भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने के साथ औद्योगिक विकास, निर्यात वृद्धि तथा ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी नई गति प्रदान करेगा।
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