कर्नाटक में वन विभाग ने किया 3 शिकारियों का एनकाउंटर, भड़के स्टालिन बोले- दर्ज हो हत्या का केस – AajTak

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कर्नाटक के चामराजनगर और मैसूर में रविवार को उन तीन लोगों की मौत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ, जिनकी 15 अगस्त को वन विभाग के कर्मियों के साथ कथित मुठभेड़ में मौत हो गई थी. चामराजनगर के हनूर में मृतकों के परिजन और ग्रामीणों ने दट्टी वन क्षेत्र में प्रदर्शन करते हुए वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई.
प्रदर्शनकारियों ने माले महादेश्वर बेट्टा जाने वाली सड़क जाम कर दी और गोली चलाने वाले वनकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. तमिलनाडु की DMK और PMK समेत कई राजनीतिक दलों ने दावा किया कि मारे गए तीनों लोग तमिल थे और अधिकारियों के इस दावे पर सवाल उठाए कि वे शिकारी थे.
प्रदर्शनकारियों ने गोली चलाने वाले वनकर्मियों को मौके पर लाकर उनसे पूछताछ करने की मांग की. उनका कहना था कि अगर तीनों जंगल में शिकार करने के लिए गए भी थे तो उन्हें मारना नहीं चाहिए था. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें हाथ या पैर में गोली मारी जा सकती थी, लेकिन तीनों की गर्दन में गोली मारकर उनकी जान ले ली गई.
अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग
परिजनों ने मुआवजे की तुरंत घोषणा और गोली चलाने में शामिल अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की. बाद में स्थानीय विधायक के मुआवजा देने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन वापस ले लिया गया. पुलिस के अनुसार, अब स्थिति नियंत्रण में है.
हत्या का मामला दर्ज
हनूर पुलिस ने मृतकों में से एक की पत्नी की शिकायत के बाद गोलीबारी में शामिल वन अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है. वहीं, मैसूरु के KR अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है. दो शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है.
इस मामले में डिप्टी कमिश्नर ने कार्यकारी मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिए हैं. अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण पूरा हो चुका है और आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी. कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश देने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का भरोसा दिलाया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों ने हथियार और मांस से भरे दो बैग बरामद किए हैं, जिनमें जंगली जानवरों का मांस भी शामिल है. अधिकारियों के मुताबिक, चार लोगों में से एक व्यक्ति भाग गया. वहीं, विपक्ष के नेता आर अशोक ने मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की और कहा कि जांच पूरी होने तक घटना में शामिल लोगों को ड्यूटी से हटाया जाए.
एमके स्टालिन ने निंदा की
इस बीच, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी घटना की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि कर्नाटक वन विभाग के अधिकारियों द्वारा तीन तमिल लोगों को कथित तौर पर गोली मारकर मौत के घाट उतारने की घटना चौंकाने वाली है. उन्होंने हत्या का केस दर्ज कर पारदर्शी और निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की. साथ ही मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग भी की.
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