खिजरसराय (गया) के गौहरपुर स्थित मां कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भक्ति का माहौल है। जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
मंदिर परिसर में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की आराधना में लीन हैं। ढोलक और मंजीरे की धुन के साथ भक्ति गीत गूंज रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। श्रद्धालु तालियों की गूंज के बीच भजन गाते हुए झूम रहे हैं। ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘हरे कृष्ण’ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज रहा है। कीर्तन का कार्यक्रम रात 11 बजे तक चलेगा।
इसके बाद श्रद्धालु पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का इंतजार करेंगे। रात ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही शंख, घंटियों और जयकारों के बीच बाल स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाया जाएगा। इस खास पल के दर्शन के लिए दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। जन्मोत्सव के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा जाएगा।
कात्यायनी शक्तिपीठ के संस्थापक जलेश्वर नाथ पांडे ने बताया कि मंदिर परिसर में साल 1999 से हर साल कृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन परंपरागत तरीके से किया जा रहा है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं, जिससे मंदिर परिसर में पूरे दिन चहल-पहल रहती है। श्रद्धालु मां कात्यायनी और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-शांति की कामना करते हैं।
जन्माष्टमी के लिए मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। आयोजन की तैयारी और सजावट में स्थानीय युवा मनीष कुमार, संदीप कुमार, कमलेश कुमार और नेहा कुमारी समेत कई श्रद्धालु बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। कृष्ण जन्माष्टमी पर कात्यायनी शक्तिपीठ श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। दूर-दराज से आने वाले भक्तों की आवाजाही से पूरा इलाका भक्तिमय नजर आता है।
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