मोदी सरकार ने आज संसद में परिसीमन बिल पेश कर दिया है। विपक्ष ने इस बिल का विरोध किया। इसी बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन बिल के पेपर को ही जला दिया।
सीएम एमके स्टालिन ने बिल लोकसभा में पेश होने से पहले उसका जमकर विरोध किया। साथ ही आरोप लगाया कि इस बिल के जरिए सरकार काला कानून लाना चाहती है।
बता दें कि परिसीमन बिल के विरोध में सीएम स्टालिन ने काले कपड़े पहने हुए थे। इतना ही नहीं उन्होंने काला रंगे का झंडा भी फरहाया और फिर बिल को उन्होने खुद आग लगाई।
सीएम स्टालिन ने कहा-बीजेपी का घमंड चूर-चूर हो जाएगा। ऐतिहसिक हिंदी विरोधी आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे तब हुआ वैसे ही अब होगा।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा वह अपने राज्य में यह काला कानून लागू नहीं होने देंगे। बिल को तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी है।
सीएम ने कहा-'मैं इस बिल के प्रति को आग लगा रहा हूं। क्योंकि यह बिल तमिलों को अपने ही देश में शरणार्थी बना देगी। ये आग पूरे द्रविड़ जमीन में फैलेगी और उत्तर भारत का वर्चस्व बढ़ाएगी।
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