दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में 11 वर्षीय नाबालिग की हत्या की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने यौन उत्पीड़न और गंभीर चोटों के साथ हैवानियत की पुष्टि क …और पढ़ें
गिरफ्तारी।
प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने यौन उत्पीड़न, गंभीर चोटों की पुष्टि की।
सिर पर वार कर जीवित अवस्था में तालाब में फेंका गया।
मुख्य आरोपी आनंद सरदार सहित तीन गिरफ्तार, सीएम का आश्वासन।
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय नाबालिग की हत्या के मामले में प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने घटना की हैवानियत की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के शरीर पर गंभीर चोटों, यौन उत्पीड़न और शारीरिक यातनाओं के स्पष्ट संकेत मिले हैं।
मामले में मुख्य आरोपी आनंद सरदार समेत प्रभास मंडल और दीवाकर सरदार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। बाकी आरोपितों की तलाश जारी है। अब तक कुल चार मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें एक मामला नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है, जबकि अन्य मामले हिंसा और कानून-व्यवस्था से संबंधित हैं।
गुप्तांगों पर भी गंभीर चोटों के निशान
प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था। इसके बाद उसे बोरी में भरकर तालाब में फेंक दिया गया। रिपोर्ट में उल्लेख है कि तालाब में फेंके जाने के समय वह जीवित थी। सिर पर गहरे घाव, शरीर पर खरोंच और काटने के निशान मिले हैं। गुप्तांगों पर भी गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पानी शरीर के भीतर जाने से फेफड़ों और पेट में सूजन आ गई थी और मृत्यु डूबने से हुई।
घटना बारुईपुर थाना क्षेत्र के धपधपी-2 पंचायत के सूर्यपुर हाट की है। पीड़िता शनिवार शाम घर से खाने का सामान खरीदने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। रविवार सुबह घर के पास एक तालाब से उसका शव बरामद हुआ। उसी रात सीसीटीवी फुटेज में चार लोग नाबालिग को अपने साथ ले जाते दिखाई दिए। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया।
गुस्साई भीड़ ने एक आरोपित की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बारुईपुर में धारा 163 लागू कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार गश्त की जा रही है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत अधिकतम फांसी की सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।
कल मुख्यमंत्री बारुईपुर जाएंगे तथा पीड़िता के स्वजन से बात करेंगे। दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी नीत खेमे के नेता सोमवार को निषेधाज्ञा के बीच बारुईपुर पहुंचे और पीड़िता के स्वजन से मुलाकात की।