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26 जून (शुक्रवार) को भारत के खिलाफ बेलफास्ट में आयोजित टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में आयरलैंड के दो डेब्यूटेंट गेंदबाजों ने ऐसा कमाल किया, जिसने पूरी भारतीय बल्लेबाजी को हिलाकर रख दिया. जहां भारत में जन्मे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जय मूंदरा ने अपने इंटरनेशनल करियर की पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को बोल्ड कर सुर्खियां बटोरीं. वहीं दूसरे डेब्यूटेंट मैथ्यू हॉलार्ड ने भारतीय बैटिंग यूनिट को तहस-नहस कर दिया.
27 वर्षीय मैथ्यू हॉलार्ड ने ना सिर्फ ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर जैसे बड़े बल्लेबाजों को सस्ते में पवेलियन भेजा, बल्कि अपने प्रदर्शन से यह भी दिखा दिया कि आयरलैंड को एक नया सितारा मिल गया है. भारत की 34 रनों की हार में हॉलार्ड की भूमिका सबसे अहम रही. भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ डेब्यू करना ही बड़ी बात होती है, लेकिन हॉलार्ड ने अपने पहले ही मैच में तूफानी प्रदर्शन कर बता दिया कि वो बड़े मंच पर दबाव झेलना जानते हैं.
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मैथ्यू हॉलार्ड ने अपनी दूसरी ही गेंद पर ईशान किशन को पवेलियन भेज दिया. ईशान (1 रन) बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में विकेटकीपर को कैच दे बैठे. भारत इस झटके से संभल भी नहीं पाया था कि हॉलार्ड ने कप्तान श्रेयस अय्यर को भी अपने जाल में फंसा लिया. हॉलार्ड ने श्रेयस अय्यर के खिलाफ बेहद चतुर रणनीति अपनाई. उन्होंने लेग स्टम्प की लाइन पर गेंदबाजी की और डीप स्क्वायर लेग पर फील्डर तैनात रखा. अय्यर ने गेंद को बाउंड्री के पार भेजने की कोशिश की, लेकिन शॉट सीधे फील्डर के हाथों में चला गया.
कप्तान श्रेयस अय्यर सिर्फ 3 रन बनाकर लौटे और भारत का स्कोर शुरुआती ओवरों में ही लड़खड़ा गया. यह वही पल था, जहां से आयरलैंड ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. हालांकि अभिषेक शर्मा ने 20 गेंदों में 50 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से लगातार गिरते विकेटों ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया.
मैथ्यू हॉलार्ड और जय मूंदरा की जोड़ी ने भारतीय टॉप ऑर्डर को ऐसा झटका दिया, जिससे टीम आखिर तक उबर नहीं सकी. नतीजा यह रहा कि 183 रनों का लक्ष्य भारत के लिए पहाड़ साबित हुआ और पूरी टीम 148 रनों पर सिमट गई.
कौन हैं 27 साल के मैथ्यू हॉलार्ड?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले अधिकांश खिलाड़ी दबाव में नजर आते हैं, लेकिन मैथ्यू हॉलार्ड ने बिल्कुल उलट प्रदर्शन किया. उन्होंने अनुभवी भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ आत्मविश्वास से गेंदबाजी की और मैच का रुख बदल दिया. तीन अहम विकेट लेने वाले हॉलार्ड को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. यह उनके करियर की ऐसी शुरुआत रही, जिसकी उन्होंने भी शायद कल्पना नहीं की होगी.
14 अप्रैल 1999 को जन्मे मैथ्यू हॉलार्ड दाएं हाथ के मीडियम-फास्ट गेंदबाज हैं. उन्होंने लिम्पोपो, लेंस्टर लाइटनिंग और स्ट्राइकर्स जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया है. घरेलू टी20 क्रिकेट में उनके आंकड़े भी शानदार रहे हैं. 15 टी20 मैचों में 20 विकेट लेने वाले हॉलार्ड का इस फॉर्मेट में औसत 20.35 रहा है. वह फर्स्ट क्लास और लिस्ट-ए क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ चुके हैं. हॉलार्ड ने 5 फर्स्ट क्लास मैचों में 9 और 4 लिस्ट-ए मुकाबलों में 12 विकेट झटके हैं.
भारत के खिलाफ डेब्यू पर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनना किसी भी खिलाड़ी के लिए सपने जैसा होता है. मैथ्यू हॉलार्ड ने ना सिर्फ यह सपना पूरा किया, बल्कि आयरलैंड को उसकी सबसे यादगार जीतों में से एक दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई. बेलफास्ट की यह रात भारतीय क्रिकेट फैन्स शायद जल्दी भूलना चाहेंगे, लेकिन आयरलैंड और मैथ्यू हॉलार्ड के लिए यह रात हमेशा यादगार रहेगी.
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