विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि जर्मनी में सरकारी देखरेख में रखी गई भारतीय बच्ची अरिहा शाह ने कुछ हिंदी शब्द बोलना शुरू कर दिया है। साथ ही यह भी बताया गया कि बच्ची के माता-पिता उससे नियमित रूप से मिलने जा रहे हैं तथा भारत उसके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान अरिहा के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे हम काफी अहमियत दे रहे हैं। बर्लिन में हमारा दूतावास अरिहा के लगातार संपर्क में है, और हमारे राजनयिक नियमित रूप से बच्ची से मिलने जा रहे हैं।
जायसवाल ने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर भारत, जर्मन अधिकारियों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जैसा कि मैंने आपको पहले बताया था, हमने अरिहा के लिए हिंदी कक्षाओं की व्यवस्था की है ताकि वह हमारी संस्कृति को बेहतर ढंग से समझ सके। इसके अलावा, उसे मंदिरों में ले जाया जा रहा है और अन्य संस्कृतियों से भी अवगत कराया जा रहा है। उसने कुछ हिंदी शब्द बोलना भी शुरू कर दिया है। उसके माता-पिता भी नियमित रूप से उससे मिलने आते हैं। पिछली बार वे 13 अक्टूबर को आए थे। हम बच्ची के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
जायसवाल से यह भी पूछा गया कि क्या केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, जो अभी जर्मनी के दौरे पर हैं, की जर्मन नेताओं के साथ हुई बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमारे वाणिज्य मंत्री, जो इस समय बर्लिन में हैं, उनकी वहां हुई बातचीत का पूरा विवरण अभी मेरे पास नहीं है, लेकिन जल्द ही मिल जाएगा। जैसे ही हमें यह जानकारी मिलेगी, हम आपके साथ साझा करेंगे।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने उस समय पत्रकारों को बताया था कि अक्टूबर 2024 में तत्कालीन जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज की भारत यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री नरेनद्र मोदी और शोल्ज के बीच हुई बैठक में अरिहा का मामला उठाया गया था। मिसरी ने यह भी बताया कि जर्मन चांसलर ने प्रधानमंत्री को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं।
अरीहा शाह एक चार वर्षीय भारतीय बच्ची हैं, जिन्हें उनके माता-पिता धारा और भवेश शाह से अलग कर जर्मनी में फोस्टर केयर में रखा गया है। यह अलगाव तब हुआ जब अरीहा को उनकी दादी द्वारा चोट लगी, जिसके बाद जर्मन अधिकारियों ने उन्हें संरक्षण में लिया और मामले को दुर्व्यवहार का मामला माना। अरीहा पिछले 46 महीनों से फोस्टर केयर में हैं और जर्मनी में एक जटिल कानूनी प्रक्रिया में फंसी हुई हैं। उनके माता-पिता का कहना है कि चोट अनजाने में लगी थी, लेकिन जर्मन न्याय प्रणाली के कारण वह अभी भी फोस्टर केयर में हैं। उसके माता-पिता, भावेश और धारा शाह, महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा भयंदर के रहने वाले हैं।
मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।
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