क्या जंतर-मंतर अब नहीं रहेगा प्रोटेस्ट साइट? SC की टिप्पणी के बाद उठे सवाल – ABP News

देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर, जो दशकों से शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है, क्या अब प्रदर्शनकारियों के लिए बीते दिनों की बात हो जाएगा? सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी और केंद्र सरकार के रुख के बाद अब यह सवाल गहराने लगा है. दिल्ली में 10 अक्तूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन प्रस्तावित है, जिसे लेकर दिल्ली पुलिस रेल से लेकर सड़क तक की पाबंदियां लगाई है. इसी मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली में मेट्रो ट्रेन सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं करने का निर्देश दिया.
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शांतिपूर्ण और वैध प्रदर्शन के लिए आवश्यक सुविधाओं से युक्त किसी वैकल्पिक स्थान की पहचान करने के सुझाव पर भी विचार करने की सहमति जताई. इस पर सीजेआई की अगुवाई वाली पीठ ने केंद्र सरकार से प्रस्ताव पर विचार कर प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित करने के संबंध में उचित निर्णय लेने को कहा.
जंतर-मंतर को लेकर सीजेआई की टिप्पणी
सॉलिसिटर जनरल ने दिल्ली में लगी पाबंदियों को लेकर कोर्ट से कहा, ‘ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जैसे पूरी दिल्ली को ब्लॉक कर दिया गया है. इंटरनेट पर रोक सीमित क्षेत्र में है. महिला पुलिसकर्मियों का मोलेस्टेशन हुआ. जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, वह सबकी सुरक्षा के लिए है.’ इस पर सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि हम प्रदर्शन पर सुनवाई नहीं कर रहे हैं क्योंकि यहां कोई आयोजक नहीं आया है. इसके बाद तुषार मेहता ने कहा, ‘मेट्रो और ट्रेन को लेकर कोर्ट ने जो कहा है, उस पर मैं सरकार से चर्चा करूंगा और जरूरी कदम उठाए जाएंगे.’
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘हमारे विचार में प्रदर्शन की जगह जंतर-मंतर की भौगोलिक स्थिति को लेकर समस्या है. जगह छोटी भी है. कोई वैकल्पिक जगह सोची जानी चाहिए. जगह की कमी के चलते प्रदर्शनकारियों के मौलिक अधिकार भी प्रभावित होते हैं. भोजन, सैनिटेशन, एंबुलेंस जैसी तमाम बातों में समस्या होती है.’ जस्टिस बागची ने कहा, ‘हमने मेट्रो और ट्रेन से जुड़ी बातों को नोट किया है. सड़क पर भी परिवहन की व्यवस्था होनी चाहिए. इन चीजों को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता.’
जंतर-मंतर पर सीजेपी को नहीं मिली धरने की इजाजत
दिल्ली पुलिस ने इससे पहले जंतर-मंतर पर होने वाले सीजेपी के धरना-प्रदर्शन को इजाजत देने से इनकार कर दिया. जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (नई दिल्ली रेंज) नूपुर प्रसाद ने बताया कि सीजेपी की ओर से प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी और पहले की शर्तों का पालन नहीं किया गया था. उन्होंने कहा, ‘हमें कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास से एक आवेदन मिला है. यह आवेदन 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बारे में सूचना के लिए है. यह प्रदर्शन सीईसी की जवाबदेही को लेकर है. इस सूचना पर विचार किया गया और पाया गया कि यह बहुत कम समय पहले दी गई थी. तय गाइडलाइन के अनुसार, प्रदर्शन की योजना से 10 दिन पहले सूचना मिलनी चाहिए.’
उन्होंने आगे कहा, ‘यह बताना भी जरूरी है कि इससे पहले जब कॉकरोच जनता पार्टी को वहां प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई थी तो उन्होंने कानूनी निर्देशों या उस समय दिए गए अपने वादों का पालन नहीं किया था. इसलिए कानूनी निर्देशों और अपने वादों का पालन न करने और मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति, सार्वजनिक सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए इस बार इजाजत नहीं दी गई है.’ पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि नई दिल्ली इलाके में बीएनएसएस की धारा 163 लागू है, जिसके तहत सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उचित रोकथाम संबंधी पाबंदियां लागू हैं.
विक्रम कुमार एबीपी न्यूज़ में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं और डिजिटल टीम का हिस्सा हैं. एबीपी लाइव के नेशनल डेस्क पर विक्रम देश और विदेश की राजनीति से जुड़ी खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. ब्रेकिंग न्यूज़ पर इनका विशेष फोकस रहता है. देश-विदेश के बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर लिखते रहते हैं. यूएस-ईरान युद्ध के दौरान इन्होंने कई इन-डेप्थ खबरें की हैं जिन पर कई मिलियन व्यूज आए. साल 2023 में प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से मास मीडिया हिंदी में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद एबीपी लाइव के साथ करियर की शुरुआत की. Email: vikramk@abpnetwork.com
We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News