भास्कर न्यूज | बीकोठी
ओरलाहा पंचायत के जयनगरा पंचवटी गांव में विवादित जमीन पर मक्का सुखाने के मामूली विवाद को लेकर मंगलवार की देर रात हुई मनोज मंडल की निर्मम हत्या और उनके छोटे भाई बिनोद मंडल पर हुए जानलेवा हमले के बाद से मातमी सन्नाटा और भारी तनाव का माहौल है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार के सदस्य गहरे सदमे और दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। गांव वाले विवादित खलिहानों से धीरे धीरे मक्का दाने हटाने में लगे हुए हैं।
हालांकि बड़हरा कोठी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के 5 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि घटना का मुख्य आरोपी जितेंद्र मंडल खुद घायल होने के कारण पुलिस की कड़ी निगरानी में अस्पताल में इलाज करा रहा है। इसके बावजूद गांव में अभी भी भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
बुधवार की शाम मृतक मनोज मंडल का अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके इकलौते पुत्र अक्षय कुमार उर्फ गोलू ने नम आंखों से पिता को मुखाग्नि दी। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मृतक की पत्नी उषा देवी पति के वियोग में पूरी तरह बदहवास हैं । वहीं बेटियों बेबी कुमारी और नेहा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदार और ग्रामीण किसी तरह परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं। घटना में गंभीर रूप से घायल मृतक के छोटे भाई बिनोद मंडल का इलाज पूर्णिया के एक निजी क्लिनिक में चल रहा है। जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। बिनोद मंडल की पत्नी बबीता देवी पति की सलामती के लिए पागलों की तरह क्रंदन कर रही हैं। पांच बेटियों के बाद उनका एक छोटा मासूम बेटा है, जिसे इस भीषण त्रासदी की पूरी समझ भी नहीं है। वह बस इतना समझ पा रहा है कि उसके बड़े पापा अब इस दुनिया में नहीं रहे और उन्हें पंचतत्व में विलीन कर दिया गया है।पीड़ित परिवार का कहना है कि रात के समय नामजद आरोपियों के सूने पड़े घरों की तरफ से अगर हल्की सी भी आहट या आवाज होती है, तो पूरा परिवार डर से कांप उठता है।ग्रामीणों ने बताया कि मृतक के चचेरे चाचा यद्दू मंडल उनके बेट जितेन्द्र मंडल एवं परिजनों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ था कि वे खुलेआम किसी भी अप्रिय घटना को अंजाम देने से नहीं हिचकते थे। पुलिस प्रशासन को इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा दिलवानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुस्साहस कोई न कर सके।
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