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छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने एक शख्स को मौत के घाट उतार दिया. गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात मांकली गांव में 27 साल के युवक सुरेश कोरसा की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, अज्ञात हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद जंगल की ओर भाग निकले.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटनास्थल से किसी तरह का माओवादी पर्चा बरामद नहीं हुआ, लेकिन पुलिस ने इसे नक्सली कार्रवाई मानते हुए जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में हत्या के पीछे नक्सलियों का हाथ होने की आशंका गहराती दिख रही है.
नक्सलियों ने की युवक की हत्या
बीजापुर पुलिस स्टेशन प्रभारी ने बताया, ‘हमें मौके से कोई नक्सली सामग्री नहीं मिली है, लेकिन जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया है, उससे यह साफ झलकता है कि इसमें नक्सलियों की संलिप्तता हो सकती है. सभी संभावित एंगल से जांच जारी है और आरोपियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है.’
छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग लंबे समय से नक्सली हिंसा का गढ़ रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक बस्तर के सात जिलों—बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव और बस्तर में नक्सली घटनाओं में 32 लोगों की जान जा चुकी है. यह आंकड़ा एक बार फिर बताता है कि नक्सली गतिविधियां अब भी राज्य की शांति और विकास के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं.
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सुरेश कोरसा मेहनतकश युवक था और किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधियों से उसका सीधा संबंध नहीं था. इसके बावजूद नक्सलियों ने उसे निशाना क्यों बनाया, यह अभी स्पष्ट नहीं है. पुलिस का मानना है कि नक्सली कई बार गांव में दहशत फैलाने और अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए ऐसे हमले करते हैं. फिलहाल, पुलिस टीम पूरे इलाके में सघन सर्च अभियान चला रही है और नक्सलियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है.
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