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अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की अचानक हुई मौत ने सभी को झकझोर दिया है. अब इस पूरे मामले में कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं, जिनसे पता चलता है कि प्रतीक यादव की तबीयत रात में भी बिगड़ी थी और उन्हें कुछ घंटों के भीतर दो बार अस्पताल ले जाया गया.
प्रतीक यादव के जिम के दोस्त सर्वेश पांडेय ने बताया कि मंगलवार देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच उनकी तबीयत अचानक खराब हुई थी. इसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया था. सर्वेश के मुताबिक अस्पताल में इलाज के बाद उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ, जिसके बाद उन्हें वापस घर ले जाया गया. लेकिन सुबह फिर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्होंने कहा, सुबह आखिर क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी मुझे नहीं है. मैं उस समय वहां नहीं पहुंच पाया था, लेकिन रात में उन्हें अस्पताल जरूर लाया गया था. इस खुलासे के बाद अब यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर रात में अस्पताल से घर ले जाने के बाद सुबह ऐसी क्या स्थिति बनी कि उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाना पड़ा.
सुबह साढ़े पांच बजे ड्राइवर पहुंचा अस्पताल
सिविल अस्पताल के निदेशक जीपी गुप्ता ने बताया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रतीक यादव का ड्राइवर अस्पताल पहुंचा था. जीपी गुप्ता के मुताबिक ड्राइवर ने अस्पताल पहुंचते ही कहा, भैया की तबीयत खराब है, जल्दी चलिए. इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर को मौके पर भेजा. अस्पताल टीम जब वहां पहुंची तो स्थिति बेहद गंभीर थी. निदेशक ने बताया, बॉडी में उस समय कुछ नहीं था. फिर उन्हें अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक शरीर में कोई मूवमेंट नहीं था. उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में परिवार की ओर से पार्थिव शरीर को घर ले जाने की तैयारी थी, लेकिन बाद में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई गई.
सस्पेक्टेड पॉइजन जैसी बात नहीं कही
प्रतीक यादव की मौत के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. इसी बीच कुछ जगहों पर सस्पेक्टेड पॉइजन जैसे दावे भी सामने आने लगे. हालांकि सिविल अस्पताल के निदेशक जीपी गुप्ता ने साफ किया कि उनकी तरफ से ऐसी कोई बात नहीं कही गई है. उन्होंने कहा कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी. फिलहाल किसी भी तरह की अटकलों से बचना चाहिए.
जांच का दायरा बढ़ा, फॉरेंसिक टीम एक्टिव
प्रतीक यादव की मौत के बाद अब जांच एजेंसियां भी पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं. पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी थी. इसी सिलसिले में डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर अपर्णा यादव के घर पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. सूत्रों के मुताबिक पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि बुधवार सुबह घर के अंदर आखिर क्या हुआ था, प्रतीक यादव की तबीयत अचानक कैसे बिगड़ी और उन्हें किस हालत में अस्पताल ले जाया गया.
पोस्टमार्टम में नहीं मिला चोट का निशान
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम की शुरुआती जांच में प्रतीक यादव के शरीर पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं. इसी वजह से अब जांच का फोकस मेडिकल और हेल्थ एंगल पर ज्यादा बढ़ गया है. डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है. इसके साथ-साथ हार्ट को भी प्रिजर्व किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर आगे विस्तृत जांच की जा सके. सूत्रों के अनुसार प्रतीक यादव का वजन पिछले कुछ समय में काफी बढ़ गया था. ऐसे में हार्ट से जुड़ी किसी समस्या की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा रहा. हालांकि अभी तक डॉक्टरों की तरफ से मौत की वजह को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
किचन में बेसुध होकर गिर पड़े थे : दोस्त का दावा
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव परिवार के करीबी बिजनेसमैन मुकेश बहादुर सिंह ने भी घटना को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ी और वह घर के किचन में बेसुध होकर गिर पड़े. मुकेश बहादुर सिंह के मुताबिक इसके बाद घर में अफरा-तफरी मच गई और उन्हें आनन-फानन में सिविल अस्पताल ले जाया गया. उन्होंने कहा, मैंने बॉडी को करीब से देखा है. सोशल मीडिया पर जो बातें चल रही हैं, वे सही नहीं हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक इंतजार करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि शव पर न तो किसी तरह के चोट के निशान थे और न ही शरीर नीला पड़ा था.
अखिलेश यादव के बयान से बढ़ी चर्चा
प्रतीक यादव के निधन के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का बयान भी चर्चा में आ गया. पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक अपनी हेल्थ को लेकर बेहद जागरूक थे और बिजनेस में व्यस्त रहते थे. उन्होंने कहा, कई बार बिजनेस में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो जाता है. अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या प्रतीक यादव किसी आर्थिक दबाव या बिजनेस से जुड़ी परेशानियों से गुजर रहे थे.
फिटनेस और बिजनेस की दुनिया में अलग पहचान
प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन फिटनेस और बिजनेस की दुनिया में उनकी अलग पहचान थी. उन्होंने लखनऊ में दि फिटनेस प्लानेट और आयरन कोर फिट जैसे हाई एंड जिम शुरू किए थे. सोशल मीडिया पर भी वह फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर काफी सक्रिय रहते थे. इसके अलावा रियल एस्टेट सेक्टर में भी उनका बड़ा कारोबार था. प्रॉपर्टी निवेश और निर्माण परियोजनाओं में भी उनकी हिस्सेदारी बताई जाती है.
परिवार और राजनीति में शोक
प्रतीक यादव के निधन के बाद यादव परिवार में गहरा शोक है. लखनऊ स्थित आवास पर लगातार समर्थकों, शुभचिंतकों और राजनीतिक नेताओं का पहुंचना जारी है. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी देर शाम प्रतीक के आवास पर जाकर श्रद्धांजलि दे सकते हैं. समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों दलों के नेताओं ने दुख जताया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोशल मीडिया पर संवेदना व्यक्त की है. फिलहाल पूरे मामले में सबकी नजर पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे प्रतीक यादव की मौत की असली वजह सामने आ सके.
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