जंतर-मंतर से निकल 12 से ज्यादा शहरों तक फैला प्रोटेस्ट, पटना-मुंबई में सैकड़ों FIR – Aaj Tak News

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पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी और छात्रों के मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ प्रोटेस्ट अब देश के अन्य राज्यों तक फैल गया है. अब तक नौ बड़े शहरों में जंतर-मंतर के समर्थन में प्रदर्शन किए जा चुके हैं. इनमें मुंबई, नासिक, नागपुर, चंडीगढ़, अहमदाबाद, बेंगलुरु, राजस्थान का बांसवाड़ा, बिहार की राजधानी पटना और मिजोरम का आइजोल शामिल हैं. बिहार में भी कटिहार
बेगुसराय, जहानाबाद, दरभंगा में भी प्रदर्शन हुए. इन शहरों में प्रदर्शनकारियों ने पैदल मार्च निकाले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. 
‘पेपर लीक से छात्रों का भविष्य खराब’
देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए प्रदर्शनों में छात्र, युवा और स्थानीय लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. उनका कहना है कि इस मामले में शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय होनी चाहिए. दिल्ली में चल रहे आंदोलन के समर्थन में निकाले गए मार्च के दौरान कई शहरों में नारेबाजी हुई और शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग दोहराई गई.
मुंबई में प्रोटेस्ट के बाद 13 FIR
इन प्रदर्शनों में सबसे अधिक विवाद मुंबई में देखने को मिला है. मुंबई पुलिस अब तक विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में कुल 13 FIR दर्ज कर चुकी है. यह संख्या दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज की गई FIR से भी अधिक बताई जा रही है. मुंबई में दर्ज मामलों में करीब 400 लोगों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस का कहना है कि इन मामलों की जांच अभी जारी है और प्रदर्शन से जुड़े वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है.
कलाकार और अभिनेता भी प्रदर्शन में शामिल
मुंबई में जिन प्रदर्शनों को लेकर FIR दर्ज की गई हैं, वे शिवाजी पार्क, चैत्यभूमि, चेंबूर और शिवसेना भवन के बाहर किए गए थे. इन प्रदर्शनों में छात्रों और युवाओं के साथ कई अभिनेता तथा कलाकार भी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा. हालांकि, मुंबई पुलिस का कहना है कि इन स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी. 
इसी आधार पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामले दर्ज किए हैं. मुंबई के प्रदर्शन की एक तस्वीर भी काफी चर्चा में रही, जिसमें एक महिला प्रदर्शनकारी पुलिस की वैन को रोकने की कोशिश करती दिखाई दी. इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गईं.
मुंबई में पुलिस के रवैये पर भी उठे सवाल
मुंबई के प्रदर्शन से जुड़ा एक और मामला तब सामने आया, जब हिरासत में लिए गए कुछ युवाओं ने एक वीडियो जारी किया. इस वीडियों में सामने आया है कि एक पुलिसकर्मी ने उन्हें अपने घर लौट जाने के लिए कहा और धमकी दी कि अगर वे दोबारा प्रदर्शन में दिखे तो उन्हें झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा. वीडियो के मुताबिक, पुलिसकर्मी कहता दिख रहा है कि ‘जेब में पाउडर भर देंगे.’ वीडियो सामने आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी के इस व्यवहार से पुलिस की कार्रवाई और रवैये पर सवालिया निशान उठ रहे हैं. छात्रों को कथित रूप से धमकी देने वाले पुलिसकर्मी को बाद में बर्खास्त कर दिया गया. 
साथ ही, इस मामले की जांच कराने की बात भी कही गई है. प्रदर्शन में शामिल लोगों ने मांग की कि पुलिसकर्मी की कथित धमकी की निष्पक्ष जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले युवाओं को डराने या झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश न हो. दूसरी ओर, बिहार की राजधानी पटना से भी प्रदर्शन की ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन पर NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाने वाले कई लोगों ने चिंता जताई है. पटना में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर प्रदर्शन करने उतरे. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से पूछा कि क्या उसके पास आंसू गैस यानी टियर गैस नहीं है.
इस सवाल को लेकर दावा किया गया कि कुछ लोग दिल्ली जैसी पुलिस कार्रवाई पटना में भी दिखाना चाहते थे, ताकि उसके वीडियो बनाए जा सकें. इस घटना पर पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे कई लोगों ने आपत्ति जताई. उनका कहना है कि ये विरोध प्रदर्शन सोशल मीडिया या इंस्टाग्राम पर रील बनाने के लिए नहीं हो रहे हैं. उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों से आंदोलन की गंभीरता को समझने और ऐसी गतिविधियों से बचने की अपील की.
पटना में 268 पर नामजद FIR
पटना में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने तीन अलग-अलग थानों में कुल 268 लोगों को नामजद आरोपी बनाते हुए FIR दर्ज की है. पुलिस अब तक 60 लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है. प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध करने वाले लोगों पर इतनी बड़ी संख्या में मामले दर्ज करना असंवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में देश के विभिन्न राज्यों में हुए इन प्रदर्शनों ने NEET पेपर लीक के मुद्दे को और व्यापक बना दिया है. एक ओर प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुंबई और पटना में पुलिस कार्रवाई, FIR और गिरफ्तारियों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है.
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