मुंगेर, निज संवाददाता। मुंगेर जिले में जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में डिलीवरी) कराने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन राशि भुगतान की समीक्षा में कई अहम आंकड़े सामने आए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 और चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 (22 जून 2026 तक) के आंकड़ों के मुताबिक जिले में प्रसव के मुकाबले भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है, लेकिन अभी भी कई स्वास्थ्य केंद्रों में लापरवाही और आवेदन लंबित होने के कारण सैकड़ों लाभार्थी राशि से वंचित हैं। कुल मिलाकर जिले में अभी 399 लाभार्थियों का भुगतान बैकलॉग (लंबित) सूची में पड़ा हुआ है।
आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूरे जिले में कुल 22,119 संस्थागत प्रसव कराए गए। इनमें से 20,522 लाभार्थियों का पेई आईडी सृजित किया गया और 19,056 लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे भुगतान सुनिश्चित किया गया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कुल 2,581 संस्थागत प्रसव दर्ज किए गए हैं, जिसमें पुराने और नए मामलों को मिलाकर कुल 3,515 भुगतानों को हरी झंडी दी जा चुकी है। अस्पतालवार स्थिति देखें तो सदर अस्पताल मुंगेर प्रसव के मामले में सबसे आगे है, जहां वर्ष 2025-26 में 7,774 प्रसव हुए। इसके बाद अनुमंडलीय अस्पताल तारापुर में 2,627 और सीएचसी हवेली खड़गपुर में 3,039 प्रसव दर्ज किए गए। हालांकि, बरियारपुर पीएचसी में 101 और सदर अस्पताल में 117 भुगतानों का बैकलॉग होना चिंता का विषय बना हुआ है।
दो-तीन दिनों के भीतर करें आवेदन, नहीं तो वेटिंग लिस्ट वाले को मिलेगा लाभ: डीपीएम
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कार्यक्रम प्रबंधक फैजान आलम अशरफी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों ने संस्थान में प्रसव के बाद भी अब तक योजना के लाभ के लिए अपना आवेदन या जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए हैं, वे दो-तीन दिनों के भीतर हर हाल में आवेदन कर दें। उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि समय पर आवेदन नहीं मिलने की स्थिति में यह लाभ वेटिंग लिस्ट में शामिल अन्य जरूरतमंद लाभार्थियों को प्रदान कर दिया जाएगा। उन्होंने अपील की कि किसी भी असुविधा से बचने के लिए माताएं अपने बैंक खाते और आधार की विवरणी जल्द से जल्द अस्पताल प्रबंधन को सौंपें।
सिविल सर्जन की सख्त हिदायत, अविलंब हो लंबित मामलों का निष्पादनः
वहीं, दूसरी ओर स्वास्थ्य व्यवस्था की लचर कार्यशैली पर सिविल सर्जन डॉ. राजू ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने उन स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारियों को फटकार लगाई है जहां बैकलॉग की संख्या अधिक है। सिविल सर्जन डॉ. राजू ने कहा कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों में मामले लंबित हैं, उन्हें अविलंब निष्पादन का निर्देश दिया गया है। जल्द से जल्द लाभुकों के खाते में राशि भेजने का निर्देश जारी कर दिया गया है। उन्होंने साफ किया कि इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य केंद्रों की ब्लॉकवार बैकलॉग स्थिति पर एक नजर:
सदर अस्पताल मुंगेर: 117 मामले लंबित
पीएचसी बरियारपुर: 101 मामले लंबित
एसडीएच तारापुर: 58 मामले लंबित
सीएचसी संग्रामपुर: 32 मामले लंबित
पीएचसी असरगंज: 28 मामले लंबित
पीएचसी टेटिया बंबर: 20 मामले लंबित
सीएचसी हवेली खड़गपुर: 18 मामले लंबित
पीएचसी सदर ब्लॉक: 14 मामले लंबित
सीएचसी धरहरा: 06 मामले लंबित
पीएचसी जमालपुर: 05 मामले लंबित
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