flydubai विमान के कॉकपिट में हमले के समय दो पायलट 'डेडहेडिंग' नियम के तहत यात्री केबिन में थे। स्थिति जब खराब हुई, तब उन्होंने कमान संभालकर विमान सुरक्षित उतारा।
flydubai विमान पायलट अटैक मामला।
सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया।
‘डेडहेडिंग’ पर मौजूद दो पायलटों ने संकट में संभाली कमान।
बोइंग 737 मैक्स 8 विमान को ताबुक में सुरक्षित उतारा गया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीते दिनों दुबई से तेल अवीव जा रही flydubai की उड़ान FZ1073 के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसने पूरी दुनिया की विमानन इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया है।
ओमान के सह-पायलट की तरफ से भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर हमले और विमान को हाईजैक करने की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक साथ कई सारे सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऐसे में अब जब इस घटना के तीन दिन बीत गए, तब एक सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब वो सह-पायलट मुख्य कैप्टन मच्छर पर हमला कर रहा था, तब उस विमान में मौजूद दो अन्य पायलट क्या कर रहे थे और वे कहां थे? आइए इस अनसुलझे सवाल के पीछे की तकनीकी वजह और उस घटनाक्रम का पूरा सच जानते हैं।
बता दें कि शुरुआती खबरों में यह बात सामने आई थी कि विमान में चार फ्लाईदुबई पायलट सवार थे। हालांकि, इनमें से केवल दो ही कॉकपिट में ड्यूटी पर थे, जबकि बाकी के दो पायलट आम यात्रियों की तरह यात्री केबिन में बैठे हुए थे।
एयरलाइंस आमतौर पर सुरक्षा या एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पायलटों को कॉकपिट में नहीं रखती हैं, क्योंकि अत्यधिक प्रशिक्षित पायलटों को ऐसी उड़ानों के लिए वेतन देना एयरलाइन के लिए महंगा सौदा साबित होता है।
इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि विमान में सवार दो अन्य पायलट विमान में अपनी भूमिका निभाने के बजाय ‘डेडहेडिंग’ नामक एक आम और रूटीन एयरलाइन प्रक्रिया के तहत यात्रा कर रहे थे।
जब किसी एयरलाइन को अपने किसी पायलट को किसी दूसरे शहर या बेस पर अगली फ्लाइट की ड्यूटी के लिए भेजना होता है, तो वे उसे यात्री के रूप में उसी फ्लाइट में सफर करवाते हैं। फ्लाईदुबई ने भी इसकी पुष्टि की थी कि ये दोनों अतिरिक्त पायलट ऑन-ड्यूटी क्रू सदस्य थे जो किसी आगामी असाइनमेंट के लिए यात्रा कर रहे थे।
गौर करने वाली बात यह है कि यही ‘डेडहेडिंग’ वाली व्यवस्था उस वक्त वरदान साबित हुई जब विमान के अंदर आसमान में जिंदगी और मौत का खेल चल रहा था। सह-पायलट की तरफ से अचानक किए गए खूनी हमले में मुख्य कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए और विमान तेजी से नीचे गोता खाने लगा।
जख्मी होने के बावजूद कैप्टन ने फर्श पर लेटे-लेटे ही विमान का कॉकपिट दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद विमान में सवार यात्रियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कॉकपिट में प्रवेश किया और हमलावर सह-पायलट को दबोच लिया।
फिर क्या? जैसे ही यात्रियों ने हमलावर को काबू में किया, केबिन में सामान्य यात्रियों की तरह बैठे वे दोनों ‘डेडहेडिंग’ पायलट तुरंत हरकत में आए। वे दौड़कर कॉकपिट में पहुंचे, कमान अपने हाथों में संभाली और उस संकट से घिरे बोइंग 737 मैक्स 8 विमान को उत्तर-पश्चिम सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतार लिया।