चीन के टिकटॉक और अलीएक्सप्रेस की वेबसाइट्स भारत में फिर से खुलने लगी हैं। हालांकि सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत सरकार ने टिकटॉक को अनब्लॉक करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। अनब्लॉक करने की खबरें फर्जी हैं। वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर “शहीदों के बलिदान की कीमत पर चीन के साथ सौदा करने” का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा, “भारत में चीन की कंपनी ‘टिक टॉक’ की वेबसाइट चलने लगी है। चीन से झड़प में हमारे 20 जांबाज सैनिक शहीद हुए. पहले तो नरेंद्र मोदी ने चीन को क्लीनचिट दी। लेकिन.. जब कांग्रेस ने दबाव बनाया तो हेड लाइन मैनेज करने को ‘टिक टॉक’ बैन किया। अब मोदी फिर चीन से लप्पो झप्पो कर रहे हैं, चीन के विदेश मंत्री से मिले हैं और खुद चीन जाने वाले हैं.. और इस बीच ही टिक टॉक से जुड़ी ये खबर आ गई। साफ है – नरेंद्र मोदी का चीन प्रेम, देश प्रेम पर भारी पड़ा है। पाकिस्तान से सीजफायर की तरह चीन के साथ भी शहादत का सौदा कर दिया गया है।”
भारत सरकार ने टिकटॉक पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया है। सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की कोई भी खबर या बयान पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है। सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों पर टिकटॉक के अनब्लॉक होने की खबरें निराधार हैं। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता को लेकर पहले टिकटॉक सहित कई चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था, और यह प्रतिबंध अभी भी लागू है।
बता दें कि टिकटॉक, अलीएक्सप्रेस और शीन जैसे चीनी ऐप्स की वेबसाइट्स भारत में आंशिक रूप से ऐक्सेस हो रही हैं। टिकटॉक की वेबसाइट केवल होमपेज तक ही ऐक्सेस प्रदान कर रही है, जबकि टिकटॉक का मोबाइल ऐप अभी भी पूरी तरह से भारत में प्रतिबंधित है। वहीं, ऑनलाइन शॉपिंग दिग्गज अलीबाबा.कॉम के अलीएक्सप्रेस की वेबसाइट भी चल रही है। यहां महत्वपूर्ण बात ये है कि इनमें से किसी भी ऐप को भारतीय यूजर्स ऐक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। सीधे शब्दों में कहें तो केवल वेबसाइट ओपन हो रही है लेकिन इसके अलावा, और कुछ नहीं। यानी चीनी ऐप्स पर आधिकारिक प्रतिबंध अभी भी लागू है।
जून 2020 में, भारत सरकार ने डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के मुद्दों का हवाला देते हुए टिकटॉक, अलीएक्सप्रेस सहित 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार ने तब कहा था कि ये ऐप्स “भारत की संप्रभुता, अखंडता, रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक” हैं। यह कदम भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बढ़े तनाव के दो सप्ताह बाद उठाया गया था, जिसमें गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों की शहादत हुई थी।
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