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भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने भविष्य की टेस्ट टीम तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. बीसीसीआई ने उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को लंबी अवधि के क्रिकेट के लिए तैयार करने के उद्देश्य से इमर्जिंग मेन्स टूर्नामेंट आयोजित करने का फैसला किया है. यह रेड बॉल टूर्नामेंट अगले महीने होने वाले भारतीय टीम के श्रीलंका दौरे से पहले खेला जाएगा. टूर्नामेंट का आयोजन 4 जुलाई से 26 जुलाई तक बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में होगा.
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ समय से युवा खिलाड़ियों को टी20 क्रिकेट और आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के जरिए तेजी से पहचान मिल रही है. लेकिन बीसीसीआई अब उन खिलाड़ियों पर भी फोकस करना चाहता है, जो टेस्ट क्रिकेट में भारत का भविष्य बन सकते हैं. इसी सोच के तहत यह चार दिवसीय टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है.
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इस टूर्नामेंट में चार टीमें हिस्सा लेंगी और हर टीम तीन-तीन चार दिवसीय मुकाबले खेलेगी. सभी मैच बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में (CoE) आयोजित होंगे. चयनकर्ताओं की नजर पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल, धैर्य और फिटनेस पर रहेगी.
इस टूर्नामेंट में चारों टीमों की कमान घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले प्लेयर्स को सौंपी गई है.
टीम A- उदय सहारन (कप्तान)
टीम B- स्मरण रविचंद्रन (कप्तान)
टीम C- यश ढुल (कप्तान)
टीम D- कोडिमेला हिमतेजा (कप्तान)
उदय सहारन ने 2024 अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कप्तानी की थी और हाल ही में पंजाब की कप्तानी भी संभाली है. वहीं यश ढुल अंडर-19 विश्व कप 2022 जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे हैं. कर्नाटक के बल्लेबाज स्मरण रविचंद्रन घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि कोडिमेला हिमतेजा भी उभरते हुए खिलाड़ियों में शामिल हैं.
इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटरों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है.
टीम A के हेड: वसीम जाफर
असिस्टेंट कोच: सौराशीष लाहिड़ी
टीम B के हेड कोच: रमेश पवार
असिस्टेंट कोच: अंशु जैन
टीम C के हेड कोच: विनीत सक्सेना
असिस्टेंट कोच: सिद्धार्थ त्रिवेदी
टीम D के हेड कोच: देबाशीष मोहंती
असिस्टेंट कोच: विनीत इंदुलकर
पूर्व भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी युवा क्रिकेटर्स को तकनीकी और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी. रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के टेस्ट क्रिकेट से विदा लेने के बाद भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है. ऐसे समय में यह टूर्नामेंट चयनकर्ताओं के लिए भी बेहद अहम होगा क्योंकि यहीं से उन्हें भविष्य के ओपनर, मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज, तेज गेंदबाज और स्पिनर मिल सकते हैं.
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