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नई दिल्ली और एनसीआर में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और वैवाहिक विवाद के मामले लगातार सामने आते रहते हैं. कई महिलाएं ऐसे हालात में सालों तक चुपचाप अत्याचार सहती रहती हैं. इन्हीं घटनाओं और हाल ही में सामने आए ट्विशा शर्मा केस ने एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है.
इन्हीं परिस्थितियों से प्रेरित होकर नोएडा की कॉरपोरेट प्रोफेशनल लवलीन अरोड़ा ने नारी कवच नाम से एक सामाजिक पहल की शुरुआत की है. यह प्लेटफॉर्म महिलाओं को एक सुरक्षित वातावरण देने और उन्हें कानूनी, मानसिक और सामाजिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया है.
लवलीन अरोड़ा लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में काम कर चुकी हैं. उन्होंने बताया कि अपने पेशेवर जीवन के दौरान उन्होंने कई ऐसी महिलाएं देखीं जो घरेलू तनाव और मानसिक उत्पीड़न से गुजर रही थीं, लेकिन सामाजिक दबाव और डर के कारण कुछ नहीं बोल पाती थीं.
उन्होंने कहा कि ट्विशा शर्मा केस जैसे मामलों ने यह सोचने पर मजबूर किया कि आखिर क्यों आज भी महिलाएं अपनी समस्याओं को खुलकर नहीं कह पातीं. कई बार परिवार भी उन्हें समझौता करने की सलाह देता है, जिससे उनकी स्थिति और कठिन हो जाती है.
चुप्पी कभी समाधान नहीं हो सकती
नारी कवच का मूल उद्देश्य यही है कि महिलाओं की चुप्पी को तोड़ा जाए. लवलीन अरोड़ा का कहना है कि किसी भी महिला के लिए सबसे जरूरी है कि उसकी बात सुनी जाए और उसे न्यायपूर्ण सहायता मिले. उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म महिलाओं को एक ऐसा सुरक्षित स्थान देगा जहां वो बिना किसी डर, शर्म या जजमेंट के अपनी बात रख सकेंगी. यहां उन्हें कानूनी सलाह, काउंसलिंग और मानसिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.
एक व्यक्तिगत अनुभव ने बदली सोच
लवलीन अरोड़ा ने बताया कि इस पहल की जड़ सिर्फ समाचार नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत अनुभव भी है. कुछ समय पहले उन्होंने अपनी घरेलू सहायिका सुनीता (नाम परिवर्तित) को देखा, जो अक्सर चोट के निशान छिपाकर काम पर आती थी. जब उन्होंने सुनीता से धीरे-धीरे बातचीत की, तो सामने आया कि वह वर्षों से घरेलू हिंसा का शिकार थी. उसने यह मान लिया था कि उसका दुख ही उसकी किस्मत है.
लवलीन ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बहुत भावनात्मक था और इसी ने उन्हें इस दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने सुनीता को कानूनी सहायता से जोड़ने में मदद की और आज भी उसके केस की प्रक्रिया में उसका साथ दे रही हैं. इसके अलावा वे सुनीता के बच्चों की शिक्षा में भी सहयोग कर रही हैं ताकि उनके भविष्य को बेहतर बनाया जा सके.
नारी कवच केवल लवलीन अरोड़ा का व्यक्तिगत प्रयास नहीं है. इसमें उनकी बहनें और करीबी मित्र भी शामिल हैं, जो इस मिशन को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं. लवलीन ने बताया कि जब उन्होंने यह विचार अपने परिवार के साथ साझा किया, तो सभी ने बिना किसी संदेह के उनका समर्थन किया. उनकी बहनों ने तुरंत कहा कि वे इस मिशन में उनके साथ हैं.
इसके साथ ही इस पहल को Wings of Hope नाम के एनजीओ का भी सहयोग प्राप्त होगा, जिसकी स्थापना लवलीन के दिवंगत जीजा ने की थी. यह सहयोग इस प्लेटफॉर्म को और मजबूत बनाने में मदद करेगा.
कैसे काम करेगा नारी कवच
यह प्लेटफॉर्म डिजिटल और जमीनी दोनों स्तरों पर काम करेगा ताकि अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंच बनाई जा सके.
इस पहल के प्रमुख उद्देश्य होंगे
सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यम से जागरूकता फैलाना
गांव और समुदाय स्तर पर महिलाओं तक पहुंच बनाना
कानूनी सलाह और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना
मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग सहायता देना
महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना
कमजोर वर्ग की लड़कियों को शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट से जोड़ना
लवलीन का मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र होंगी, तभी वो अपने अधिकारों के लिए मजबूत होकर खड़ी हो पाएंगी. आज भी समाज में कई महिलाएं घरेलू हिंसा को चुपचाप सहती हैं. इसका कारण डर, सामाजिक दबाव और भविष्य की अनिश्चितता होती है. नारी कवच इस सोच को बदलने की कोशिश है. यह पहल महिलाओं को यह भरोसा देती है कि वो अकेली नहीं हैं और उनके साथ एक पूरा समर्थन सिस्टम खड़ा है.
एक सुरक्षित और भरोसेमंद मंच
इस प्लेटफॉर्म में कानूनी विशेषज्ञ, काउंसलर, सामाजिक कार्यकर्ता और कम्युनिकेशन टीम शामिल होगी. इसका उद्देश्य महिलाओं को सही दिशा देना और उन्हें न्याय तक पहुंचाना है. नारी कवच सिर्फ एक सामाजिक पहल नहीं बल्कि एक आंदोलन की शुरुआत है. यह उन महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण है जो लंबे समय से चुप्पी में दर्द सह रही हैं. लवलीन अरोड़ा और उनकी टीम का मानना है कि हर महिला को सम्मान, सुरक्षा और सुनवाई का अधिकार है और कोई भी महिला अकेली नहीं होनी चाहिए.
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