एमपी के दतिया जिले में संभावित उपचुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है जहां क्षत्रिय समाज के एक बड़े वर्ग और एक दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम को आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने से सरगर्मी तेज है।
भाजपा में शामिल होने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा, जिला महामंत्री अतुल भूरे चौधरी, मंडल अध्यक्ष हरिराम पाल और मंडल अध्यक्ष पुनीत टिलवानी भी मंच पर मौजूद रहे। सभी नेताओं ने नवागंतुक कार्यकर्ताओं का पार्टी का पट्टा पहनाकर स्वागत किया और उन्हें विधिवत सदस्यता दिलाई।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भाजपा की नीतियों और विकास कार्यों से प्रभावित होकर लगातार लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। आने वाले समय में भाजपा दतिया में और अधिक मजबूती के साथ उभरेगी। वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा ने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले सभी कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान और जिम्मेदारी दी जाएगी। नए कार्यकर्ताओं के आने से पार्टी को और ऊर्जा मिलेगी।
भाजपा में शामिल नेताओं ने कहा कि वे पार्टी की विचारधारा और नेतृत्व से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा ही देश और प्रदेश के विकास को नई दिशा देने में सक्षम है। जानकारों का मानना है कि उपचुनाव से पहले इस तरह के घटनाक्रम चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल, दतिया में सियासी सरगर्मी बढ़ चुकी है और आने वाले दिनों में ऐसे और भी राजनीतिक फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। सभी दल अपने-अपने स्तर पर संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच पकड़ बनाने में जुटे हुए हैं। जानकारों का मानना है कि यदि उपचुनाव होता है तो यह केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रहेगा, इसे प्रदेश की बड़ी राजनीतिक परीक्षा से भी जोड़कर देखा जाएगा।
बता दें कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद दतिया में उपचुनाव कराए जाने की संभावनाएं प्रबल हो रही हैं। दतिया से निर्वाचित कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में 3 साल की सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो चुकी है। उन्होंने विशेष न्यायालय के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, लेकिन उनको कोई राहत नहीं मिली है।
कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
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शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
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