आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 'वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी' कार्यक्रम में मानवता की एकता पर जोर दिया।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत।
मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में मानवता की एकता पर जोर दिया।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम को संबोधित किया।
कहा, धर्म और पूजा-पद्धतियां अलग, पर इंसानियत एक ही।
डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन (एमएसजी) में आयोजित ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में मानवता की एकता पर जोर दिया।
भारत के सदियों पुराने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सोच का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म और पूजा-पद्धतियां अलग हो सकती हैं, लेकिन पूरी इंसानियत एक ही है। उनके संबोधन से पहले उनकी तस्वीरें टाइम्स स्क्वायर के मुख्य बिलबोर्ड पर दिखाई गईं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि सत्य एक है, लेकिन अलग-अलग लोग अपनी समझ और दृष्टिकोण के अनुसार उसे अलग-अलग तरीके से व्यक्त करते हैं। इसकी वजह भी है क्योंकि हम एक इंसान है और हम उस साफ्टवेयर के कैदी हैं जो हमारे दिमाग में बना है।
संघ प्रमुख ने कहा कि वे स्वयं धार्मिक विद्वान या धार्मिक अथार्टी नहीं हैं, लेकिन जिस समाज में वे काम करते हैं, उसकी परंपरा यह मानती है कि धर्म अलग हो सकते हैं, जबकि मानवता एक ही है। भागवत ने कहा- ‘सत्य एक है और मानवता उसी सत्य की उपज है, इसलिए इंसानियत भी एक है।’ संघ प्रमुख ने दुनिया में मौजूद विभिन्न धर्मों और उनकी धार्मिक परंपराओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में धर्मों को काफी हद तक उनके रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों के आधार पर परिभाषित किया जाता है। उन्होंने माना कि धार्मिक अनुशासन और अनुष्ठान किसी व्यक्ति के लिए आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हो सकते हैं।
मोहन भागवत इस सप्ताह की शुरुआत में न्यूयार्क पहुंचे थे। यह उनकी तीन देशों की वैश्विक संपर्क यात्रा का पहला चरण है। वह अमेरिका के बाद कनाडा और ब्रिटेन की भी यात्रा करेंगे। उनका यह दौरा आरएसएस के शताब्दी वर्ष के आयोजनों के तहत विदेशों में रहने वाले विभिन्न संगठनों के निमंत्रण पर हो रहा है।
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के अनुसार, न्यूयार्क का यह आयोजन विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों को एक मंच पर लाने वाला अंतरधार्मिक कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य खुले संवाद, पारस्परिक सम्मान, समझ और साझा उद्देश्य को बढ़ावा देना है।बता दें कि इसी मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 सितंबर 2014 को ऐतिहासिक रैली कर चुके हैं।