धूप में खड़ी कार बन सकती है सेहत के लिए खतरा! गाड़ी का कलर भी जिम्मेदार – Aaj Tak News

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क्या आपने कभी सोचा है कि गर्मियों के दिनों में धूप में खड़ी कार के अंदर का तापमान कितना खतरनाक हो सकता है? हाल ही में हुई एक स्टडी में सामने आया है कि धूप में खड़ी कार का केबिन तापमान 64.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. ये एक डेडली ट्रैप जैसा है, जहां अंदर बैठे इंसान या बच्चे का दम घुट सकता है. खासकर ब्लैक सेडान गाड़ियां गर्मी को सबसे ज्यादा सोखती हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि एसी ऑन करना भी तुरंत सॉल्यूशन नहीं है क्योंकि ये अचानक तापमान बदलने का शॉक दे सकता है.
धूप में खड़ी कार बन सकती है मौत का कुआं
PGIMER और पंजाब यूनिवर्सिटी की इस रिसर्च में SUV, हैचबैक और सेडान गाड़ियों की थर्मल कंडीशन को मॉनिटर किया गया. चौंकाने वाली बात ये रही कि शाम के समय भी कार के अंदर का तापमान दोपहर से ज्यादा हो सकता है क्योंकि कार दिन भर गर्मी अब्जॉर्ब करती रहती है. स्टडी के मुताबिक, ऐसी स्थिति में अंदर बैठे इंसान के लिए हीट स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर फ्लक्चुएशन और एकाग्रता में कमी का खतरा बढ़ जाता है, जिससे एक्सीडेंट्स की पॉसिबिलिटी भी ज्यादा हो जाती है.
ब्लैक सेडान है सबसे खतरनाक
रिसर्च में पाया गया कि गाड़ियों का रंग भी तापमान पर बड़ा असर डालता है. ब्लैक सेडान का तापमान वाइट SUV या हैचबैक के मुकाबले काफी ज्यादा रहा. काला रंग गर्मी को ज्यादा सोखता है, इसलिए ऐसी कारों में गर्मी से जुड़ी परेशानियों का खतरा कहीं ज्यादा होता है. एक्सपर्ट्स इसे पब्लिक हेल्थ रिस्क मानते हैं और सलाह देते हैं कि कार डिजाइन्स में थर्मल कंफर्ट स्टैंडर्ड्स का ख्याल रखना जरूरी है.
एसी भी नहीं है इमीडिएट सॉल्यूशन
अक्सर लोग कार में बैठते ही फुल स्पीड पर एसी चला देते हैं, लेकिन स्टडी इसे भी सही नहीं मानती. भीषण गर्मी में गर्म केबिन के बाद अचानक ठंडी हवा का झोंका शरीर के लिए ठीक नहीं होता. अमेरिकन नेशनल वेदर सर्विस (National Weather Service) के मुताबिक, बच्चों के शरीर का तापमान बड़ों की तुलना में 3 से 5 गुना तेजी से बढ़ता है. इसलिए, बच्चों या पालतू जानवरों को बंद कार में एक मिनट के लिए भी छोड़ना जानलेवा हो सकता है.
बचाव के लिए क्या करें?
शेड का इस्तेमाल: अगर संभव हो तो अपनी गाड़ी हमेशा छाया में पार्क करें.
सनशेड का उपयोग: स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी के अनुसार, विंडस्क्रीन पर सनशेड लगाने से केबिन के अंदर गर्मी बहुत कम बढ़ती है. Source: The Economic Times / Stanford Research
वेंटिलेशन: गाड़ी में बैठते समय कुछ देर के लिए खिड़की खोलें ताकि गर्म हवा बाहर निकल सके.
अलर्ट रहें: बच्चों और बुजुर्गों को कभी भी बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें, चाहे आप बस 5 मिनट के लिए ही बाहर जा रहे हों.
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