नई दिल्ली, एजेंसी। फोनपे वॉलेट का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करने पर अब शुल्क देना होगा। कंपनी के नए नियमों के मुताबिक, एक वर्ष से निष्क्रिय वॉलेट धारकों को 100 रुपये प्रति तिमाही का भुगतान करना होगा। यह शुल्क उन उपभोक्ताओं पर लागू होगा, जिन्होंने एक वर्ष के भीतर वॉलेट से कोई लेनदेन नहीं किया है। सिर्फ ऐप खोलने या यूपीआई भुगतान करने को वॉलेट गतिविधि नहीं माना जाएगा। इस शुल्क से बचने और खाते को फिर से सक्रिय रखने के लिए उपभोक्ता को वॉलेट से कोई लेनदेन करना होगा। अगर वॉलेट में काफी रकम है तो कंपनी सीधे शुल्क काट सकती है।
अगर राशि 100 रुपये से कम है तो कंपनी उपलब्ध राशि ले लेगा और वॉलेट में रकम जीरो हो जाएगी। अगर इस दौरान उपभोक्ता वॉलेट का उपयोग करके कोई लेनदेन करता है तो वह फिर सक्रिय हो जाएगा और कोई शुल्क भी नहीं देना होगा।कंपनी का कहना है कि यह शुल्क प्लेटफॉर्म के रखरखाव, तकनीकी सुधार और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने के लिए लिया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, निष्क्रिय वॉलेट का रखरखाव करने और प्रणाली को अपडेट रखने में अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता होती है। कंपनी ने कहा कि किसी भी वॉलेट को निष्क्रिय घोषित करने और शुल्क काटने से पहले उपभोक्ता को 15 दिनों तक कई बार संदेश भेजे जाएंगे। इस दौरान अगर उपभोक्ता अपने वॉलेट से कोई वित्तीय लेनदेन कर लेता है तो वह फिर से सक्रिय हो जाएगा और कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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