भवन निर्माण से जुड़े कामगारों का निबंधन विशेष अभियान के तहत होगा। सहयोग शिविर में भी कामगारों के निबंधन की व्यवस्था की गई है। अब तक कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत 42,31,405 निर्माण श्रमिकों का निबंधन हो चुका है। इसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11,06,086 जबकि मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में आठ जून तक 4,131 निर्माण श्रमिकों का निबंधन हुआ है। शुक्रवार को सूचना भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव के सेंथिल कुमार ने बताया कि बाल श्रम रोकने को सरकार का प्रयास जारी है। बिहार से बाहर श्रमिकों की मौत होने पर उनके परिजनों को चार लाख की सहायता दी जा रही है।
पार्थिव शरीर को सरकारी खर्चे पर उनके घर तक भिजवाया जा रहा है। राज्य के प्रवासी श्रमिकों के डाटा संग्रहण एवं उनके लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का नीति-निर्माण करने के उद्देश्य से बिहार प्रवासी कामगार एप का अनावरण किया गया है। इस एप पर 6,84,708 प्रवासी श्रमिक पंजीकरण हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1054 बाल श्रमिक विमुक्त हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में विमुक्त बाल के पुनर्वास के लिए कुल 126 बाल श्रमिकों के खातों में मुख्यमंत्री राहत कोष से कुल 31 लाख 50 हजार राशि सावधि जमा की गई। सभी प्रमण्डलों में 10 स्थानों पर श्रम सेवा सुविधा केन्द्र स्थापित किया जाना है। पटना, कैमूर, सारण, सहरसा एवं दरभंगा में यह केंद्र शुरू हो चुका है। मौके पर विशेष सचिव सुनील कुमार यादव और उपेन्द्र प्रसाद, श्रमायुक्त राजेश भारती मौजूद थे।
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