इमेज स्रोत, Reuters
नेपाल पुलिस ने ताजा अपडेट में बताया है कि बाढ़ के बाद देश में अब तक 389 लोगों की मौत हो चुकी है.
वहीं नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के मुताबिक़ बाढ़ के बाद 910 लोग लापता हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.
इन लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक, नेपाल सेना के 44 सदस्य और नेपाल पुलिस के 28 अधिकारी शामिल हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि नेपाल में मौजूद 290 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है. मंत्रालय ने बताया कि त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है. इससे पहले तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है.
इससे पहले गुरुवार को ही नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा था कि अमेरिका के 54, ऑस्ट्रेलिया के 34 और ब्रिटेन के 33 नागरिक भी लापता हैं.
एनडीआरआरएमए के मुताबिक़ लापता लोगों में सुरक्षाबलों के जवान, पर्यटक और आम नागरिक शामिल हैं. कई इलाक़ों तक पहुंचने वाली सड़क और पुल पूरी तरह तबाह हो गए हैं.
जैसे-जैसे प्रभावित इलाक़ों में राहत का काम आगे बढ़ रहा है, नेपाल में इस तबाही से हुए नुक़सान की तस्वीर भी सामने आ रही है.
इस बीच दुनिया के कई देशों ने नेपाल में आई इस त्रासदी पर शोक जताया है. वहीं भारत समेत दुनिया के कई देश नेपाल के लिए राहत सामग्री भी भेज रहे हैं.
समाप्त
इमेज स्रोत, PRAKASH MATHEMA / AFP via Getty Images
देश – दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.
एपिसोड
समाप्त
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल की बाढ़ में फंसे 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है.
उनके मुताबिक़ ये लोग तमिलनाडु के रहने वाले हैं.
रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया है कि नेपाल में बाढ़ आने के बाद से वहां मौजूद 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. प्रेसवार्ता के बाद शाम को मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि अब कुल 285 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है.
प्रवक्ता ने बताया था कि इनमें से 73 लोग 'त्रिशूली-1' पावर प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे थे. गुरुवार शाम को जारी बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि त्रिशूली-1 से 63 भारतीयों को रेस्क्यू किया जा चुका है.
नेपाल में भारतीय दूतावास इस प्रोजेक्ट के प्रमुख से लगातार संपर्क में है.
रणधीर जायसवाल के मुताबिक़, "इनके अलावा कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए तमिलनाडु के दो ग्रुपों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. इनमें से एक ग्रुप में 37 और दूसरे में 49 भारतीय हैं. जबकि पश्चिम बंगाल के 32 लोगों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है. जो बाढ़ से प्रभावित रसुआ ज़िले के तिमुरे में थे."
उन्होंने बताया है कि भारत के अलग-अलग राज्यों के 61 अन्य लोगों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनमें 33 केरल से हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया है कि इस बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए क़रीब 200 भारतीय चीन की तरफ भी फंसे हुए हैं.
उधर चीन ने कहा है कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद उसके क़रीब 100 नागरिक लापता हैं.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान के अनुसार, चीन नेपाल के साथ क़रीबी संपर्क बनाए हुए है. वह खोज और बचाव के संयुक्त अभियान में मदद कर रहा है. उन्होंने कहा कि चीन नेपाल की जरूरत के आधार पर आपातकालीन सहायता भी देगा.
चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भूस्खलन की घटना में लापता लोगों की संख्या बढ़कर 558 हो गई है, जिसमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं.
इमेज स्रोत, Safal Prakash Shrestha/Anadolu via Getty Images
तमिलनाडु सरकार के अनुसार, नेपाल गए 57 पर्यटकों में से 37 के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. बताया जा रहा है कि ये पर्यटक हिमालय स्थित एक मंदिर की ओर जा रहे थे.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अलावा तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों ने हेल्पलाइन शुरू की हैं.
हालांकि, नेपाल में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने के कारण प्रभावित भारतीय नागरिकों के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आ सकी है.
कोयंबटूर स्थित ईशा फाउंडेशन ने भी दावा किया है कि उसके 80 सदस्य नेपाल के एक इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद थे और बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने कहा कि इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद लोगों के बारे में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि फ़ाउंडेशन के 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं.
बाढ़ में अपने समूह के 80 लोगों के लापता होने के बाद सद्गुरु ने संबंधित अधिकारियों और प्रशासन से घटनास्थल पर जाने की अनुमति देने की अपील की है.
तमिलनाडु सरकार में मंत्री राजमोहन ने विधानसभा में कहा, "हम हालात पर नज़र बनाए हुए हैं और राज्य के सभी पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास कर रहे हैं. हम नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के लगातार संपर्क में हैं."
पीटीआई ने पश्चिम बंगाल के एक अधिकारी के हवाले से बताया, कोलकाता से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल भी बाढ़ के बाद लापता लोगों में शामिल है. दल में 30 यात्री और दो टूर मैनेजर हैं.
अधिकारी ने बताया कि बाढ़ आने के बाद से दल के सभी 32 सदस्यों से कोई संपर्क नहीं हुआ है. राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में अभियान चला रही हैं.
चीन के सरकारी मीडिया आउटलेट सीसीटीवी ने नेपाल से सटे तिब्बत की ओर एक ट्रेड हब पर कीचड़ और पानी की बाढ़ से "बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने" की ख़बर दी है.
ग्यिरोंग काउंटी के बॉर्डर पोस्ट पर तबाही का मंज़र सीसीटीवी फ़ुटेज में साफ़ दिख रहा है. इस पोस्ट से व्यापार होता है और श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर भी जाते हैं.
इमेज स्रोत, X/@DrSJaishankar
नेपाल में आई बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए भारत ने दूसरी राहत उड़ान रवाना कर दी है.
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसका वीडियो साझा किया है.
उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत नेपाल में राहत कार्यों के लिए हर संभव मदद करता रहेगा.
एस जयशंकर ने गुरुवार को एक्स पर लिखा, "दूसरी उड़ान अभी रवाना हुई है, जिसमें नेपाल के लिए 37.5 टन राहत सामग्री, दवाइयां और खाने के पैकेट भेजे गए हैं. भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है."
उन्होंने लिखा, "हम राहत कार्यों में हर संभव मदद करते रहेंगे."
इससे पहले राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए भारत ने 10 टन मानवीय मदद भेजी थी.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार देर रात को बताया था कि भारत की ओर से भेजी गई यह सहायता नेपाल को सौंप दी गई है.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार "नेपाल को हर तरह की मानवीय मदद देने के लिए तैयार है."
इमेज स्रोत, Sunil Pradhan/Anadolu via Getty Images
नेपाल में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ द रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख डेविड फिशर ने कहा है कि बुधवार को आई बाढ़ से प्रभावित इलाक़ों में "अभी भी बेहद गंभीर स्थिति" बनी हुई है.
उन्होंने बीबीसी के '5 लाइव ब्रेकफ़ास्ट' कार्यक्रम से बातचीत में कहा कि नेपाल के उत्तरी हिस्से के कुछ इलाक़ों में "सिर्फ हेलीकॉप्टर के जरिए ही पहुंचा जा सकता है, क्योंकि बाढ़ ने पुलों और सड़कों को तबाह कर दिया है."
उन्होंने कहा, "हमारी टीम वहां से कुछ दक्षिण में ज़मीन पर मौजूद है और वह स्थानीय वोलंटीयर्स से संपर्क करने के लिए वहां तक पहुंचने में सफल रही है."
फिशर ने कहा, "हमारे लिए यह बिल्कुल स्पष्ट है कि लोगों की जरूरतें बहुत ज़्यादा हैं."
उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों को बीती रात "खुले में सोना पड़ा. नेपाल में बहुत ही ज़्यादा मदद की जरूरत है."
उन्होंने कहा कि पूरे गांव और बाज़ार "बहकर तबाह हो गए हैं" और डर है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट… सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
शॉर्ट वीडियो का अंत
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.