लंबे कद के तेज गेंदबाज जैकब डफी साल की शुरुआत में भारत दौरे पर काफी महंगे रहे थे। लेकिन न्यूजीलैंड की परिस्थिति में उनका जवाब नहीं है। न्यूजीलैंड में 20 मैचों में वह 40 टी20 इंटरनेशनल विकेट ले चुके हैं। उनका औसत 12.27 और इकोनॉमी 7.25 की है।
बैटिंग, बॉलिंग या फील्डिंग ग्लेन फिलिप्स का किसी में जवाब नहीं है। वह किसी भी परिस्थिति से मैच पलट सकते हैं। वह स्पिन गेंदबाजी के भी अच्छे बल्लेबाज हैं और इसी वजह से भारतीय टीम उनसे बचकर रहना चाहेगी।
भारत के खिलाड़ी 16 टी20 इंटरनेशनल मैचों में टिम सीफर्ट 5 फिफ्टी ठोक चुके हैं। उनके 34 की औसत और 153 की स्ट्राइक रेट से 477 रन हैं। टी20 विश्व कप के फाइनल में भी भारत के खिलाफ सीफर्ट ने 200 की स्ट्राइक रेट से 52 रन बनाए थे।
सलामी बल्लेबाज फिन एलन की बैटिंग पूरी दुनिया जानती है। 61 मैचों की टी20 इंटरनेशनल करियर में उनका स्ट्राइख रेट 171 का है। वह तीन शतक भी मार चुके हैं। यही वजह है कि भारतीय टीम को उनसे सबसे ज्यादा सचेत रहना होगा।
मैट हेनरी उन गेंदबाजों में शामिल हैं, जिसने भारत को हमेशा परेशान किया है। 19 इंटरनेशनल मैच में भारत के खिलाफ उनके 41 विकेट हैं। हेनरी गेंद को दोनों तरफ स्विंग करवा सकते हैं और पिच में थोड़ी भी मदद हुई तो उनका सामना करना आसान नहीं होगा।
लेखक के बारे मेंऋषिकेश कुमारऋषिकेश कुमार, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हैं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का 8 साल से ज्यादा का अनुभव है। मुख्य रूप से उन्होंने डेस्क की जिम्मेदारी ही संभाली है। ऋषिकेश कुमार ने जनवरी 2022 में नवभारत टाइम्स डॉट कॉम ज्वाइन किया था। क्रिकेट के साथ ही फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स, टेनिस, बॉक्सिंग और एफ-1 में खास रुचि रखते हैं। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के लिए ऋषिकेश ने 2023 विश्व कप, पेरिस ओलंपिक, फीफा विश्व कप, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स से लेकर टी20 विश्व कप तक को कवर किया है। ब्रेकिंग न्यूज के साथ ही खबरों को नया एंगल देना ऋषिकेश की विशेषता है। डेटा के समुंद्र में गोते लगाकर खिलाड़ियों के प्रदर्शन की एनालिसिक करना उन्हें बखूबी पता है। उन्होंने स्टार कबड्डी खिलाड़ी और भारतीय कप्तान रहे प्रदीप नरवाल के साथ ही बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन, इंटरनेशनल क्रिकेटर साई किशोर, पूर्व पाकिस्तान क्रिकेटर दानिश कनेरिया, ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर, कार रेसर अखिल रविंद्र और पैरालिंपिक मेडलिस्ट निशाद कुमार के इंटरव्यू किए हैं। उन्होंने सर्फिंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स को ग्राउंड से कवर किया है। ऋषिकेश ने भोपाल माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से बीए मास कम्यूनिकेशन के साथ ही एमए मास कम्यूनिकेशन की डिग्री हासिल की है। अपने पत्रकारिता की शुरुआत स्पोर्ट्सविकी से की। इसके बाद उन्होंने दैनिक भास्कर के नेशनल न्यूज रूम में स्पोर्ट्स पेज पर जिम्मेदारी संभाली। वहां उन्होंने प्रिंट में काम करने का अनुभव लिया। इसके बाद फिर से डिजिटल मीडिया में वापसी करते हुए नवभारतटाइम्स ऑनलाइन के साथ जुड़ गए।… और पढ़ें