भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज से पूरे पंजाब में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के आह्वान पर आज पंजाब के सभी जिलों में उपायुक्त (डीसी) कार्यालयों के सामने अनिश्चितकालीन ‘पक्का मोर्चा’ शुरू कर दिया गया है।
किसान नेताओं ने मंच से संबोधित करते हुए दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि यह कोई सांकेतिक प्रदर्शन नहीं है। जब तक सरकार किसानों की सभी न्यायसंगत मांगें पूरी नहीं कर देती, तब तक यह पक्का मोर्चा दिन-रात इसी तरह जारी रहेगा। किसान आर-पार की लड़ाई के मूड में डीसी दफ्तरों के बाहर डट गए हैं।
हर दिन बदलेगा प्रदर्शन का तरीका: एसएसपी दफ्तर और बैंकों का होगा घेराव
आंदोलन की रूपरेखा सांझा करते हुए किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि प्रशासन यह न समझे कि किसान सिर्फ एक जगह बैठे रहेंगे। प्रदर्शन के तरीके में हर दिन बदलाव किया जाएगा। रणनीति के तहत, किसानों पर दर्ज किए गए ‘बेवजह’ मामलों के विरोध में आने वाले दिनों में एसएसपी (SSP) कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, किसानों की जमीन-जायदाद और कर्ज संबंधी मुद्दों को लेकर विभिन्न बैंकों के सामने भी उग्र विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य मांगें: कर्ज माफी और दर्ज मुकदमों की वापसी
इस आंदोलन के उद्देश्यों और मांगों के संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ किसान नेता जगतार सिंह काला झाड़ ने बताया कि किसान लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पक्के मोर्चे की मुख्य मांगों में किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी और विभिन्न आंदोलनों के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमों को बिना शर्त वापस लेना शामिल है। जब तक सरकार इस पर लिखित नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, आंदोलन थमने वाला नहीं है।
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