आज विजयदशमी है। इस अवसर पर पटना के गांधी मैदान में बिहार के सबसे ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। इस बार का रावण 90 फीट का बनाया गया है। जिसकी ऊंचाई पिछले साल से 10 फीट अधिक है।
दहन के वक्त रावण की आंखों से अंगारे, मुंह से शोले और कानों-कंधों से रंगीन धुआं निकलता दिखाई देगा। लाइट एंड साउंड इफेक्ट्स के जरिए रावण के हंसने का दृश्य भी दिखाया जाएगा। लंका दहन की प्रस्तुति भी दिखाई जाएगी।
सुरक्षा के लिए 120 सीसीटीवी से गांधी मैदान की निगरानी होगी। सुबह 11 बजे के बाद गांधी मैदान की ओर गाड़ियां नहीं जाएंगी।
विजयदशमी पर क्या होंगे प्रोग्राम, मेघनाथ-कुंभकरण के पुतले की कितनी ऊंचाई है, इस बार क्या दिया गया है थीम, पढ़ें रिपोर्ट….
कुछ तस्वीरें देखिए…
मेघनाथ-कुंभकरण के पुतलों का भी साइज बढ़ा
पुतलों को साउथ इंडियन स्टाइल और राजस्थानी थीम के परिधानों से सजाया गया है। पिछले साल कुंभकर्ण 75 फीट और मेघनाद 70 फीट के थे। इस बार रावण के साथ दोनों पुतलों की ऊंचाई बढ़ाई गई है। मेघनाद का 85 और कुंभकर्ण का 80 फीट ऊंचा पुतला बना है।
तीनों पुतलों के निर्माण की जिम्मेदारी आगरा से आए अनुभवी कारीगरों को दी गई। श्री दशहरा कमेटी ट्रस्ट की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
साउथ इंडियन स्टाइल और राजस्थानी थीम
पुतलों को साउथ इंडियन स्टाइल और राजस्थानी थीम के परिधानों से सजाया जा रहा है। गांधी मैदान में पुतलों को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार रात तक काम चला। निर्माण कार्य में जुटे कारीगर के अनुसार, पुतलों को मजबूती देने के लिए 60-60 फीट की लोहे की सीढ़ियों का सहारा लिया गया, ताकि तेज हवा और बारिश के दौरान संरचना को नुकसान से बचाया जा सके।
दोपहर 2 बजे निकलेगी श्रीराम की शोभायात्रा
रावण वध समारोह से पहले दोपहर 2 बजे नागाबाबा ठाकुरबाड़ी से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में रथ पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ वानर सेना की झांकी रहेगी। शोभायात्रा शाम 4 बजे तक गांधी मैदान पहुंचेगी।
इसके बाद अशोक वाटिका प्रसंग और लंका दहन की प्रस्तुति होगी। दिल्ली के सांस्कृतिक कला संगम के कलाकार रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन करेंगे। शाम 4 बजे से रावण वध कार्यक्रम शुरू होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन होगा। आतिशबाजी भी होगी।
सुरक्षा के लिए 120 से अधिक सीसीटीवी कैमरे
गांधी मैदान में महिलाओं और पुरुषों के बैठने के लिए अलग-अलग दीर्घाएं बनाई जाएंगी। दर्शकों की सुविधा के लिए मैदान में विभिन्न स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी रहेगी।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भीड़ को आसानी से बाहर निकालने के लिए गांधी मैदान के सभी 12 गेट खोल दिए जाएंगे। इससे लोगों को एक ही निकास द्वार पर जमा होने से बचाने और सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने में मदद मिलेगी।
स्कैनिंग के बाद मिलेगी एंट्री
रावण वध को लेकर सुबह 11 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक गांधी मैदान की ओर किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। गांधी मैदान के अंदर और चारों तरफ के वाहन और ठेला-खोमचा लगाने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। गांधी मैदान को 4 सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक में वरीय अधिकारी तैनात किए गए हैं।
सभी मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी को दोपहर 1 बजे तक अपनी ड्यूटी पर तैनात होने का निर्देश दिया गया है। मैदान में अस्थायी थाना और क्विक रिस्पांस टीम बनाई गई है। परिसर की निगरानी सीसीटीवी, वॉच टावर और ड्रोन कैमरों से होगी। प्रवेश द्वारों पर सघन जांच और स्कैनिंग के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.