गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय पढ़ाई के साथ छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक प्रवास के जरिए नई जानकारियां उपलब्ध कराने की तैयारी में है। विवि की मंशा है कि इससे छात्र पढ़ाई के साथ वास्तविक दुनिया की जानकारी भी ले सकेंगे। कुलाधिपति के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन कॉलेजों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। योजना के तहत छात्रों को राज्य एवं राज्य से बाहर स्थित शिक्षण संस्थानों, शोध केंद्रों, औद्योगिक ईकाइयों तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान छात्र विभिन्न संस्थानों की कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीकों, शोध गतिविधियों और नई शिक्षण पद्धतियों को गहनता से जांच सकेंगे。
इससे छात्रों को क्षेत्रों की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विविधताओं को समझने का मौका मिलेगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में व्यावहारिक समझ, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करना है। शैक्षणिक प्रवास कार्यक्रम इसी के तहत कराया जाएगा। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि इस फैसले से ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।
उन्हें अच्छे संस्थानों में जाने का अवसर मिलेगा। इससे वह नई तकनीक और ऐतिहासिक चीजों को जान सकेंगे। नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य भी इसी के तहत है। शैक्षणिक प्रवास कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार और विविध परिवेशों से सीखने का अवसर देगा। इसका असर भी छात्रों के कॅरियर पर पड़ेगा।
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